Delay in Laloo-Tejashwi's Fate: IRCTC Scam Hearing Postponed to August 14

नई दिल्ली। राउज एवेन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश की अदालत में आइआरसीटीसी होटल आवंटन से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद या
नई दिल्ली। राउज एवेन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश की अदालत में आइआरसीटीसी होटल आवंटन से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने की सुनवाई नहीं हो सकी। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने को इस मामले में आरोप तय करने के संबंध में अपना आदेश सुनाना था, लेकिन अनिवार्य प्रशिक्षण के कारण न्यायाधीश अदालत में उपस्थित नहीं हो सके। इसके चलते अब इस मामले की सुनवाई के लिए नई तारीख 14 अगस्त तय की गई है। इससे पहले विशेष न्यायाधीश ने मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आदेश पारित करने के लिए 31 जुलाई की तारीख तय की थी। ईडी ने अदालत में कहा था कि जांच के दौरान ऐसे पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं, जिनसे प्रथम दृष्टया मनी लांड्रिंग का मामला बनता है। इस आधार पर एजेंसी ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मीसा भारती, तेज प्रताप यादव, हेमा यादव और अन्य आरोपितों के खिलाफ अभियोजन चलाने की मांग की है। बचाव पक्ष ने ईडी के आरोपों का विरोध करते हुए आरोप तय नहीं किए जाने की दलील दी।
यह मामला उस समय का है, जब लालू प्रसाद यादव वर्ष 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री थे। आरोप है कि आइआरसीटीसी के रांची और पुरी स्थित बीएनआर होटलों के संचालन और रखरखाव का ठेका देने में अनियमितताएं की गईं। जांच एजेंसियों के अनुसार, ठेका देने के एवज में लालू परिवार से जुड़ी कंपनियों और व्यक्तियों के नाम पर पटना में मूल्यवान जमीन कम कीमत पर हस्तांतरित की गई, जिसे बाद में विभिन्न कंपनियों के माध्यम से स्थानांतरित किया गया। सीबीआइ द्वारा दर्ज मूल मामले के आधार पर ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच शुरू की थी। एजेंसी का आरोप है कि अवैध लाभ से अर्जित संपत्तियां मनी लांड्रिंग की श्रेणी में आती हैं। इस मामले में आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ईडी ने अदालत में अपनी दलीलें प्रस्तुत की हैं, जबकि बचाव पक्ष ने उन दलीलों का खंडन किया है। अब सभी की निगाहें 14 अगस्त की सुनवाई पर टिकी हुई हैं, जब विशेष न्यायाधीश इस मामले में अपना आदेश सुनाएंगे।
















