EXCLUSIVE - 'अंकित को 55 चाकू मारे थे, ताहिर हुसैन को फांसी क्यों नहीं मिली...'

दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन सहित पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन सहित पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद अंकित के भाई अंकुर शर्मा ने अदालत के फैसले पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सभी दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। उनका मानना है कि इस मामले को 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' श्रेणी में रखा जाना चाहिए था। अंकुर शर्मा ने कहा कि उनके भाई की हत्या अत्यंत बर्बरता से की गई थी, जिसमें अंकित के शरीर पर 55 चाकुओं के घाव थे। इसके अलावा, उन्होंने यह भी दावा किया कि अंकित को तेजाब से जलाया गया और बाद में उनके शव को नाले में फेंक दिया गया। यह सब सुनकर हर कोई हैरान रह गया।
अंकुर शर्मा ने अदालत के निर्णय की गंभीरता को देखते हुए कहा कि इस तरह के मामलों में सख्त सजा का प्रावधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि अदालत ने इस मामले को 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' मानते हुए फांसी की सजा दी होती, तो यह एक मिसाल बनती और भविष्य में किसी अन्य व्यक्ति के साथ ऐसी घटना नहीं होती। अंकित शर्मा ने अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए देश की सेवा की थी और उनकी हत्या के मामले में न्याय की मांग करना उनका अधिकार है। अंकुर ने कहा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि समाज में एक संदेश जाए कि ऐसे अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
















