Demand to End Caste-Based Reservation: जातिगत आधार पर आरक्षण समाप्त करने की मांग

झांसी से संवाद न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को तहरौली में अधिवक्ताओं, समाजसेवियों और सामान्य वर्ग के लोगों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित
झांसी से संवाद न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को तहरौली में अधिवक्ताओं, समाजसेवियों और सामान्य वर्ग के लोगों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित दो ज्ञापन एसडीएम को सौंपे। इन ज्ञापनों के माध्यम से जातिगत आधार पर आरक्षण व्यवस्था को समाप्त करने की मांग की गई। अधिवक्ता रीतेश मिश्रा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में यह स्पष्ट किया गया कि जातिगत आरक्षण के स्थान पर आर्थिक और वास्तविक आवश्यकता आधारित सहायता प्रणाली को लागू किया जाना चाहिए। इससे सभी आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को समान अवसर मिलेंगे और योग्यता तथा प्रतिभा को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम को निरस्त करने की भी मांग की गई।
ज्ञापन में आगे कहा गया कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाना चाहिए। इसके अलावा, यूजीसी के प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशन-2026 को वापस लेने की मांग भी की गई। इस अवसर पर कई प्रमुख लोग उपस्थित थे, जिनमें राजेंद्र तिवारी, राकेश प्रताप सिंह, राष्ट्रपाल सिंह यादव, नरोत्तम शर्मा, संजय शर्मा, आशीष उपाध्याय, जुगल किशोर तिवारी, राजू गुप्ता, रवि गुप्ता, राघवेंद्र रिछारिया, अंकित पांडेय, दृगचंद्र वशिष्ठ और वेदांत शर्मा शामिल थे।















