Digital Strike on Illegal Mining: योगी सरकार ने 1.53 लाख वाहनों पर माइन टैग लगाए

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अवैध खनन और परिवहन पर नियंत्रण के लिए भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने एक नई पहल शुरू की है। विभाग प्रतिदिन 70 से 75 लोगों को ई-
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अवैध खनन और परिवहन पर नियंत्रण के लिए भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने एक नई पहल शुरू की है। विभाग प्रतिदिन 70 से 75 लोगों को ई-नोटिस जारी कर रहा है, जिससे पिछले नौ वर्षों में यह संख्या 2.41 लाख तक पहुंच गई है। इस प्रक्रिया के तहत अब तक 756 करोड़ रुपये बतौर जुर्माना वसूले जा चुके हैं। अवैध खनन पर नकेल कसने के लिए विभाग ने जियो-फेंसिंग, कैमरा युक्त वे-ब्रिज, और रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआइडी) तकनीक का उपयोग किया है। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर आधारित 62 चेकगेट भी स्थापित किए गए हैं, जिनमें से दो चेकगेट अभी निर्माणाधीन हैं। इन चेकगेट्स के माध्यम से अवैध खनन की गतिविधियों की निगरानी की जा रही है।
भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की सचिव और निदेशक माला श्रीवास्तव ने बताया कि आईएमपीएस (एकीकृत खनन परमिट प्रणाली) के तहत खनन क्षेत्रों की जियो-फेंसिंग, कैमरा युक्त वे-ब्रिज, माइन टैग और विभिन्न राजमार्गों पर इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) का उपयोग किया जा रहा है। लखनऊ स्थित कमांड सेंटर से इन एआई आधारित चेकगेट्स को एकीकृत किया गया है, जिससे पूरे राज्य की गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। इस प्रणाली के माध्यम से खनिज परिवहन की ऑनलाइन ट्रैकिंग संभव हो गई है, जिससे अवैध खनन की रोकथाम में मदद मिल रही है।
















