Meta CEO Mark Zuckerberg must apologize to PM Modi: निशिकांत दुबे ने दी चेतावनी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक रील को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने का मामला सामने आया है, जिसके चलते भारत सरकार ने मेटा
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक रील को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने का मामला सामने आया है, जिसके चलते भारत सरकार ने मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग से पीएम मोदी से माफी मांगने की मांग की है। यह मामला उस समय उठकर सामने आया जब कम्युनिकेशन और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी पर बनी संसदीय स्थायी समिति के चेयरमैन निशिकांत दुबे ने सोमवार को स्पष्ट किया कि यदि मार्क जुकरबर्ग माफी नहीं मांगते हैं, तो मेटा को सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धारा 79 के तहत मिलने वाली 'सेफ हार्बर' सुरक्षा खोने का खतरा है। दुबे ने यह चेतावनी एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान दी, जिसमें मेटा, गूगल, यूट्यूब, X और स्नैपचैट के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय (MeitY) और गृह मंत्रालय (MHA) के प्रतिनिधि भी शामिल थे।
निशिकांत दुबे ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, 'मेटा की सोच देश को अस्थिर करने की है। पीएम मोदी का वीडियो रात 12.30 बजे से सुबह 5 बजे तक हटाया गया था, जो कि एक गंभीर मामला है।' उन्होंने जोर देकर कहा कि मेटा को अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगनी चाहिए, अन्यथा उनकी समिति धारा 79 के तहत मेटा को दी गई सेफ हार्बर सुरक्षा वापस ले लेगी। यह मामला तब और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब पीएम मोदी की यह रील 23 जुलाई को अपलोड की गई थी, जिसमें NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर चर्चा की गई थी। इस रील में एक प्रस्तावित कानून के बारे में भी जानकारी दी गई थी, जिसके तहत परीक्षा पेपर लीक में शामिल लोगों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट और सख्त सजा देने के प्रावधान की बात की गई थी।
















