Drug Offender Sentenced: नशीला पदार्थ रखने के दोषी को 10 साल कठोर कारावास

कुरुक्षेत्र में अतिरिक्त जिला एवं सैशन न्यायाधीश ने मोहम्मद इरशाद को नशीला पदार्थ रखने के आरोप में दोषी ठहराया है। इस मामले में उन्हें 10 साल की कठोर कारावास की
कुरुक्षेत्र में अतिरिक्त जिला एवं सैशन न्यायाधीश ने मोहम्मद इरशाद को नशीला पदार्थ रखने के आरोप में दोषी ठहराया है। इस मामले में उन्हें 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है, साथ ही 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जिला न्यायवादी मेनपाल के अनुसार, यह मामला 29 मई 2021 का है, जब एसटीएफ अंबाला की टीम ने लाडवा नेशनल हाईवे पर गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की। इस दौरान मोहम्मद इरशाद, जो बोडा मोरे झारखंड का निवासी है, और मोहम्मद अशफाक, जो जोहरी झारखंड का निवासी है, को त्योड़ा के पास नाकाबंदी के दौरान पकड़ा गया। उनके ट्रक का नंबर ओडी-16इ-7172 था, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में लिया। ट्रक की तलाशी के दौरान पांच किलो 100 ग्राम अफीम बरामद की गई। यह कार्रवाई नशीली वस्तु अधिनियम के तहत की गई थी, जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ थाना शाहबाद में प्राथमिकी दर्ज की गई।
29 जुलाई को इस मामले की नियमित सुनवाई हुई, जिसमें अतिरिक्त जिला एवं सैशन न्यायाधीश ने गवाहों और सबूतों पर विचार किया। अदालत ने मोहम्मद इरशाद को नशीला पदार्थ रखने का दोषी करार दिया। उन्हें एनडीपीएस एक्ट की धारा 18-बी के तहत सजा सुनाई गई। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इरशाद जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे छह महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। यह मामला न केवल नशीले पदार्थों के खिलाफ कानून की सख्ती को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि पुलिस और न्यायालय इस प्रकार के अपराधों को गंभीरता से लेते हैं।
इस मामले में न्यायालय द्वारा दी गई सजा से यह संदेश जाता है कि नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मोहम्मद इरशाद और मोहम्मद अशफाक जैसे आरोपियों को यह समझना होगा कि नशीले पदार्थों का व्यापार और सेवन समाज के लिए कितना हानिकारक है। इस प्रकार के मामलों में न्यायालय की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि यह न केवल अपराधियों को सजा देती है, बल्कि समाज में जागरूकता भी फैलाती है। इस मामले के माध्यम से यह भी स्पष्ट होता है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां नशीले पदार्थों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
















