Murder or Suicide: विवाहिता की मौत की गुत्थी में उलझी पुलिस

लखनऊ के इटौंजा क्षेत्र के तुर्की गांव में एक विवाहिता हिमांशी कश्यप की मौत ने एक जटिल गुत्थी का रूप ले लिया है। 13 जुलाई को नगराम स्थित इंदिरा नहर में लावारिस ह
लखनऊ के इटौंजा क्षेत्र के तुर्की गांव में एक विवाहिता हिमांशी कश्यप की मौत ने एक जटिल गुत्थी का रूप ले लिया है। 13 जुलाई को नगराम स्थित इंदिरा नहर में लावारिस हालत में हिमांशी का शव मिला था, जिसे उसके मायके वालों ने 16 जुलाई को पहचान लिया। इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, ससुराल वालों के बयान और एक सुसाइड नोट के बीच विरोधाभास ने पुलिस को उलझा दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट लगने को मौत का कारण बताया गया है, जो यह संकेत देता है कि हिमांशी की हत्या की गई हो सकती है। वहीं, उसके पति और ससुराल वालों का कहना है कि हिमांशी ने आत्महत्या की थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि डर के कारण उन्होंने शव को नहर में फेंक दिया। इस मामले की गहराई में जाने के लिए पुलिस ने स्टेट मेडिको लीगल सेल से राय लेने का निर्णय लिया है।
हिमांशी की शादी 26 फरवरी को अधिवक्ता प्रदीप गौड़ से हुई थी और वे इटौंजा के तुर्की गांव में रह रहे थे। 11 जुलाई को रात करीब 9:30 बजे हिमांशी ने अपने पिता पवन को फोन कर कहा कि उसे वहां से ले जाएं, नहीं तो ससुराल वाले उसे मार डालेंगे। इसके अगले दिन, जब मायके वाले इटौंजा स्थित ससुराल पहुंचे, तो घर पर ताला लगा था और सभी के मोबाइल नंबर बंद थे। इस पर पवन ने सास सुनीता गौड़, ससुर श्रीराम, ननद प्रीति, राखी, जेठ संदीप कुमार, पति प्रदीप और भांजे शिवा के खिलाफ दहेज हत्या की एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने संदीप को छोड़कर बाकी सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
















