Online gaming debt leads to arrests: ऑनलाइन गेम के कर्ज में डूबे दो आरोपी गिरफ्तार, किराए पर ली गई ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बेचकर चुकाते थे कर्ज

आजमगढ़ जिले में ऑनलाइन गेमिंग के बढ़ते प्रभाव ने युवाओं को गंभीर आर्थिक संकट में डाल दिया है। महाजगंज थाना पुलिस ने हाल ही में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है,
आजमगढ़ जिले में ऑनलाइन गेमिंग के बढ़ते प्रभाव ने युवाओं को गंभीर आर्थिक संकट में डाल दिया है। महाजगंज थाना पुलिस ने हाल ही में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कर्ज चुकाने के लिए किराए पर ली गई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को बेचने का काम कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में सुनील यादव और उपेंद्र यादव शामिल हैं, जो महाजगंज के देवारा जदीद किता प्रथम गांव के निवासी हैं। पुलिस ने बताया कि ये दोनों आरोपी खेतों की जुताई करने का बहाना बनाकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां मांगते थे और फिर उन्हें औने-पौने दामों में बेच देते थे। इनकी गिरफ्तारी से यह स्पष्ट होता है कि ऑनलाइन गेमिंग के कारण युवाओं में कर्ज लेने की प्रवृत्ति कितनी बढ़ गई है।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने अब तक चार लोगों के साथ इसी तरह की धोखाधड़ी की है। इन लोगों ने 15 हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से ट्रैक्टर की ट्रॉलियां उधार ली थीं। जब ट्रैक्टर-ट्रॉलियां वापस मांगी गईं, तो आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने गोर्वधन ढाला के पास से इन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से नैनीजोर से बेची गई तीन ट्रालियां भी बरामद की हैं।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे सभी एवीटोर गेम खेलते हैं, जिसके कारण उन पर कर्ज का बोझ बढ़ गया था। कर्ज चुकाने के लिए उन्होंने मिलकर किसानों से ट्रैक्टर की ट्रालियां किराए पर लीं और उन्हें बेचकर अपना कर्ज चुकाने का प्रयास किया। एएसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि इस गिरोह के दो अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमों का गठन किया गया है। इस मामले ने ऑनलाइन गेमिंग की लत और उसके परिणामस्वरूप होने वाले आर्थिक संकट की गंभीरता को उजागर किया है, जो युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रहा है।
















