Fake Encounter Case: रवि यादव एनकाउंटर मामले में 23 पुलिसकर्मियों पर आरोप

जौनपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड में मारे गए आरोपित रवि यादव की मां, अमरावती देवी ने प्रभारी सीजेएम की अदालत में एक प्रार्थना पत्
जौनपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड में मारे गए आरोपित रवि यादव की मां, अमरावती देवी ने प्रभारी सीजेएम की अदालत में एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है। इस पत्र में उन्होंने एसओजी प्रभारी और थानाध्यक्ष खेतासराय समेत 23 पुलिसकर्मियों पर फेक एनकाउंटर का आरोप लगाया है। अदालत ने इस मामले में वाद दर्ज कर थाना खेतासराय से रिपोर्ट तलब की है। अगली सुनवाई 7 अगस्त को होगी। अमरावती देवी ने अधिवक्ता समर बहादुर यादव के माध्यम से यह प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें उन्होंने एसओजी प्रभारी प्रकाश शुक्ला, थानाध्यक्ष खेतासराय प्रदीप कुमार सिंह और थानाध्यक्ष लाइन बाजार के के सिंह समेत 23 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि 1 मई को आजाद बिंद की हत्या कर दी गई थी, जिसमें उनके बेटे रवि यादव, प्रदीप बिंद और भोले राजभर को आरोपित बनाया गया था।
रवि यादव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने इनाम घोषित किया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए रवि दिल्ली चला गया था। पुलिस ने सूचना मिलने पर दिल्ली में सुरेंद्र कश्यप के आवास पर पहुंचकर 23 मई को रवि को गिरफ्तार किया और उसे जौनपुर ले आई। 24 मई की रात को सुरेरी के लॉकअप में रखने के बाद, 25 मई की रात 1:25 बजे गोरारी तिराहे के पास एक फर्जी मुठभेड़ दिखाकर उसकी हत्या कर दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि रवि के सीने में एक गोली लगी थी, जो आर-पार हो गई। यह दर्शाता है कि उसे नजदीक से हत्या करने की नीयत से गोली मारी गई थी। यदि रवि का नाम मामले में आया था, तो विवेचक को उसे गिरफ्तार करने के लिए उचित कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन पुलिस ने अपने गुड वर्क दिखाने के चक्कर में उसके बेटे की हत्या कर दी।
















