Ganesh idols in Maharashtra: इस साल पीओपी मूर्तियों पर प्रतिबंध संभव नहीं

महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में बांबे हाई कोर्ट को सूचित किया है कि इस वर्ष गणेश चतुर्थी महोत्सव के दौरान प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से बनी मूर्तियों के उपयोग पर
महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में बांबे हाई कोर्ट को सूचित किया है कि इस वर्ष गणेश चतुर्थी महोत्सव के दौरान प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से बनी मूर्तियों के उपयोग पर रोक लगाना संभव नहीं होगा। हालांकि, सरकार ने यह आश्वासन दिया है कि वे धीरे-धीरे इन मूर्तियों को चलन से बाहर करने की प्रक्रिया शुरू करेगी। यह निर्णय तब लिया गया जब अदालत ने पिछले सप्ताह सरकार से यह स्पष्ट करने के लिए कहा कि क्या वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील का पालन करते हुए मिट्टी की मूर्तियों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाने जा रही है। अदालत ने यह भी कहा कि प्राकृतिक जल स्रोतों में प्रदूषण को रोकने के लिए यह आवश्यक है कि लोग पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों की ओर बढ़ें।
इस मामले में एडवोकेट जनरल मिलिंद साठे ने हाई कोर्ट को बताया कि सरकार प्रधानमंत्री मोदी की अपील का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन इस साल ऐसा करना कठिन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार मिट्टी से बनी गणेश मूर्तियों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी, लेकिन इसे तुरंत लागू करना संभव नहीं है। जस्टिस अजय गडकरी और कमल खता की पीठ ने इस पर सवाल उठाया कि क्या राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री को अपनी स्थिति से अवगत कराया है। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में 'मन की बात' कार्यक्रम में श्रद्धालुओं से अपील की थी कि वे पीओपी की मूर्तियों के बजाय मिट्टी की गणेश प्रतिमा का उपयोग करें।
















