Murder case in Gorakhpur: गोरखपुर वैभव हत्याकांड में आरोपी को भेजा गया जेल

गोरखपुर के खजनी क्षेत्र में वैभव हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपित सर्वेश कुमार भट्ट उर्फ बिट्टू को बुधवार को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दि
गोरखपुर के खजनी क्षेत्र में वैभव हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपित सर्वेश कुमार भट्ट उर्फ बिट्टू को बुधवार को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस मामले में मृतक के परिवार के सदस्यों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने बताया कि इस मामले की जांच के दौरान सात लोगों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हत्या की साजिश और साक्ष्य छिपाने में इनकी क्या भूमिका थी। एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी ने कहा कि मामले की विवेचना तेजी से की जा रही है और वैज्ञानिक साक्ष्यों को मजबूत करने के लिए आरोपित से घटनास्थल का सीन रीक्रिएशन कराया जाएगा। इससे हत्या के घटनाक्रम का तकनीकी सत्यापन किया जाएगा, जिससे विवेचना को अंतिम रूप देने में मदद मिलेगी। पुलिस का लक्ष्य एक सप्ताह के भीतर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल करना है। इसके साथ ही, पुलिस आरोपित के परिवार के सदस्यों जैसे उसके पिता हरिनरायण शर्मा, भाई सतीश, भाई की पत्नी बबली, पत्नी अनामिका और दोनों बच्चों से भी पूछताछ कर रही है। इसके अलावा, सरया गांव निवासी संदीप से भी जानकारी जुटाई जा रही है। संदीप के पिता नारायण करीब 12 वर्ष पहले खजनी थाने में रसोइए के रूप में कार्यरत थे। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या वारदात की योजना बनाने, हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने या किसी प्रकार की सहायता पहुंचाने में परिवार या अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका रही है। विवेचना के दौरान आरोपित की संपत्ति से जुड़े कानूनी पहलुओं का भी परीक्षण किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का दावा है कि वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर विवेचना को जल्द पूरा कर न्यायालय में मजबूत चार्जशीट दाखिल किया जाएगा। एसपी दक्षिणी ने बताया कि विवेचना में सामने आने वाले हर तथ्यों की जांच चल रही है। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता के प्रमाण मिलते हैं, तो उसके खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में मृतक के परिजनों की मुख्यमंत्री से मुलाकात भी प्रस्तावित थी, लेकिन यह मुलाकात बुधवार को नहीं हो सकी। मंगलवार शाम महापौर डा. मंगलेश श्रीवास्तव ने परिवार से मुलाकात कर मुख्यमंत्री से भेंट कराने का आश्वासन दिया था। इसके बाद वैभव के बड़े पिता भृगुनाथ वर्मा, पिता हनुमान प्रसाद, बाबा लक्ष्मी नारायण वर्मा तथा दोनों बुआ राधिका और सुनीता वर्मा मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे, लेकिन गुरु पूर्णिमा के कार्यक्रमों में व्यस्तता के कारण मुलाकात नहीं हो सकी।
भृगुनाथ वर्मा ने बताया कि उन्हें तीन दिन बाद फिर से मिलने के लिए बुलाया गया है। मुख्यमंत्री से मिलकर वे मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच, आरोपित के पूरे परिवार की भूमिका की जांच, आरोपित के मकान पर विधिक कार्रवाई तथा दोषी को फांसी की सजा दिलाने की मांग रखेंगे। उनका कहना है कि जब तक मामले की हर कड़ी सामने नहीं आती, तब तक उन्हें न्याय मिलने का भरोसा नहीं होगा। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई और मुख्यमंत्री से परिवार की मुलाकात का इंतजार किया जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि इस जघन्य अपराध में न्याय कैसे सुनिश्चित किया जाएगा।
















