Train Journey of Governor: राज्यपाल की ट्रेन यात्रा से स्टेशन पर बढ़ी चौकसी

जगदीशपुर। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बुधवार को बेगमपुरा एक्सप्रेस से वाराणसी से लखनऊ लौटते समय निहालगढ़ रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के कड़े इंतजामों
जगदीशपुर। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बुधवार को बेगमपुरा एक्सप्रेस से वाराणसी से लखनऊ लौटते समय निहालगढ़ रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के कड़े इंतजामों का सामना किया। राज्यपाल की यात्रा के दौरान, रेलवे प्रशासन और पुलिस ने स्टेशन पर सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए। ट्रेन के निर्धारित ठहराव का समय केवल दो मिनट था, जिसके कारण सुरक्षा बलों को सतर्क रहना पड़ा। स्टेशन के बाहर अग्निशामक वाहन तैनात किए गए थे, ताकि किसी भी आपात स्थिति का सामना किया जा सके। मुख्य प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर गेट स्थापित किया गया था, जिससे यात्रियों की सघन जांच के बाद ही उन्हें प्लेटफार्म पर प्रवेश दिया गया। प्लेटफार्म संख्या एक और दो पर पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों की तैनाती की गई थी, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखा जा सके। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी क्षेत्राधिकारी मुसाफिरखाना अतुल सिंह, प्रभारी निरीक्षक धीरेंद्र कुमार यादव और आरपीएफ उपनिरीक्षक रमेश कुमार ने की।
बेगमपुरा एक्सप्रेस, जो वाराणसी से जम्मूतवी जा रही थी, बुधवार को लगभग 40 मिनट की देरी से निहालगढ़ स्टेशन पर पहुंची। इस ट्रेन के एक कोच में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल यात्रा कर रही थीं। उनकी इस रेल यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने, जिनमें अचलपुर निवासी राजेश सिंह भी शामिल हैं, राज्यपाल के हेलीकॉप्टर के बजाय रेल मार्ग से यात्रा करने के इस कदम की सराहना की। उन्होंने इसे ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया। इस प्रकार, राज्यपाल की यात्रा ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी, बल्कि यह भी दर्शाया कि कैसे एक साधारण यात्रा भी समाज में सकारात्मक संदेश फैला सकती है।
















