Fraudsters impersonate insurance ombudsman: गुरुग्राम में बीमा अधिकारी बनकर 1.19 करोड़ रुपये की ठगी, 4 गिरफ्तार

हरियाणा के गुरुग्राम में एक अनोखी ठगी का मामला सामने आया है, जहां चार लोगों को बीमा लोकपाल अधिकारी बनकर एक व्यक्ति से 1.19 करोड़ रुपये ठगने के आरोप में गिरफ्तार
हरियाणा के गुरुग्राम में एक अनोखी ठगी का मामला सामने आया है, जहां चार लोगों को बीमा लोकपाल अधिकारी बनकर एक व्यक्ति से 1.19 करोड़ रुपये ठगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। यह मामला तब प्रकाश में आया जब 27 जुलाई को एक व्यक्ति ने साइबर अपराध पश्चिम थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने आरोप लगाया कि कुछ अज्ञात लोग बीमा लोकपाल अधिकारी बनकर उससे संपर्क कर रहे थे और बंद हो चुकी कई बीमा पॉलिसी के बदले 57 लाख रुपये वापस दिलाने का झांसा दे रहे थे।
आरोपियों ने पीड़ित को विश्वास दिलाया कि वे उसकी मदद करेंगे और उसे 1.04 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसके बाद उन्होंने फाइल शुल्क, रखरखाव शुल्क, और अन्य खर्चों के नाम पर पीड़ित को विभिन्न समय पर कई बैंक खातों में 1.19 करोड़ रुपये जमा करने के लिए राजी किया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में भारत जनक सिंह (68), मोहम्मद मोशिरुल हक (35), सुभाष कुमार (40), और साहिल गुसाईं (19) शामिल हैं।
सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर) गौरव फोगाट ने बताया कि पूछताछ में यह बात सामने आई कि हक ने अपने साथियों के साथ मिलकर जाली आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल करके एक बैंक खाता खोला था, जिसमें शिकायतकर्ता के लगभग 43 लाख रुपये हस्तांतरित किए गए थे। उन्होंने बताया कि भारत जनक सिंह ने चेक के माध्यम से यह रकम निकाली और बाकी नकदी अपने साथियों को सौंप दी।
गौरव फोगाट ने बताया कि कुमार साइबर कैफे चलाता है और उसने फर्जी आधार व पैन कार्ड तैयार किए, जबकि गुसाईं ने जाली दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी वाले फोन के लिए सिम कार्ड उपलब्ध कराने में मदद की। मामले की जांच जारी है और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
















