Haryana Voter List: मतदाता सूची से हजारों नाम हटने से बढ़ी चिंता

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया (एसआइआर) को लेकर चिंता बढ़ गई है, जो न केवल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के लिए चिंता का विषय है,
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया (एसआइआर) को लेकर चिंता बढ़ गई है, जो न केवल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के लिए चिंता का विषय है, बल्कि भाजपा के लिए भी एक गंभीर चिंता का कारण बन गया है। हाल ही में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश सरकार में मंत्री और अन्य जिम्मेदारी संभाल रहे विधायकों के विधानसभा क्षेत्रों से हजारों मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। यह स्थिति उन मतदाताओं के लिए चिंताजनक है, जो आगामी चुनावों में अपने मताधिकार का उपयोग करना चाहते हैं। इस प्रक्रिया में कई मतदाता ऐसे हैं, जिन्होंने अपने पते बदल दिए हैं, जबकि कुछ ऐसे भी हैं जिनका निधन हो चुका है, लेकिन उनके नाम अभी भी मतदाता सूची में शामिल हैं। ऐसे में यह आवश्यक हो गया है कि मतदाता सूची की पुनरीक्षण प्रक्रिया को गंभीरता से लिया जाए।
गुरुग्राम जिला की गुड़गांव विधानसभा सीट इस मामले में सबसे आगे है, जहां 1,79,198 मतदाता अपने पते पर नहीं मिले हैं। इसके अलावा, मंत्रियों के विधानसभा क्षेत्रों की बात करें तो गुरुग्राम जिला की बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र पहले स्थान पर है, जहां से 1,76,050 मतदाता बाहर हुए हैं। यह क्षेत्र प्रदेश के उद्योग मंत्री राव नरवीर सिंह का निर्वाचन क्षेत्र है। इसके बाद फरीदाबाद जिला की तिगांव विधानसभा सीट का नंबर आता है, जहां प्रदेश के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर विधायक हैं। यहां से करीब 99 हजार मतदाता किसी कारणवश मतदाता सूची से बाहर हो गए हैं। तीसरे स्थान पर प्रदेश के राजस्व एवं स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल का विधानसभा क्षेत्र फरीदाबाद है, जहां 97 हजार से अधिक मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
















