High Court Orders UP Government: यूपी सरकार को हाईकोर्ट का आदेश- छुट्टा पशुओं और कुत्तों से खतरे वाले स्थान बताएं, दो सप्ताह का वक्त

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में छुट्टा पशुओं और लावारिस कुत्तों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को एक व्यापक कार्ययोजना तैयार करने का आदेश दि
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में छुट्टा पशुओं और लावारिस कुत्तों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को एक व्यापक कार्ययोजना तैयार करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए सरकार को सभी संस्थागत क्षेत्रों की पहचान करनी होगी और इसके लिए दो सप्ताह का समय निर्धारित किया गया है। जस्टिस अजित कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की पीठ ने कहा कि इस सूची में सरकारी और निजी शिक्षण संस्थान, अस्पताल, बस अड्डे, रेलवे स्टेशन, खेल परिसर और अन्य ऐसे स्थान शामिल किए जाने चाहिए, जहां भीड़भाड़ होती है। यह आवश्यक है कि संस्थागत क्षेत्रों की पहचान उनके उपयोग और महत्व के आधार पर की जाए। इसके साथ ही, कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी निर्देश दिया है कि वह उत्तर प्रदेश में उसके नियंत्रण में आने वाले संस्थानों की सूची प्रस्तुत करे।
इसके अतिरिक्त, न्यायालय ने एनएचएआई और यूपी सरकार से यह भी कहा है कि वे हाईवे पर लावारिस पशुओं की पहचान करें और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, उनके भोजन और उपचार की व्यवस्था के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करें। यह निर्देश इस बात को ध्यान में रखते हुए दिया गया है कि छुट्टा पशुओं और लावारिस कुत्तों की समस्या से आम जनता को खतरा हो सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि पार्कों और मैदानों में कुत्तों के प्रबंधन के लिए उपायों पर विचार किया जाए। इससे यह स्पष्ट होता है कि न्यायालय इस मुद्दे को लेकर कितनी गंभीरता से विचार कर रहा है और यह सुनिश्चित करना चाहता है कि जनता की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
















