Historical Shiva Temple Demolished in Motihari: 150 साल पुराना शिव मंदिर ध्वस्त, लोगों में आक्रोश

मोतीहारी के वार्ड संख्या-20 में स्थित एक ऐतिहासिक शिव मंदिर को ध्वस्त करने का मामला सामने आया है, जो स्थानीय लोगों के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता था। य
मोतीहारी के वार्ड संख्या-20 में स्थित एक ऐतिहासिक शिव मंदिर को ध्वस्त करने का मामला सामने आया है, जो स्थानीय लोगों के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता था। यह मंदिर 1865 में स्थापित किया गया था और वर्षों से यहां के निवासियों की आस्था का केंद्र रहा है। मंदिर के ध्वस्त होने से क्षेत्र के लोगों में आक्रोश फैल गया है। स्थानीय उपमहापौर डॉ. लालबाबू धर्मेंद्र कुमार, सुमित गुप्ता, सुधीर गुप्ता, राजा बाबू प्रसाद और हरेंद्र कुमार जैसे कई स्थानीय नेताओं ने इस घटना की निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि मंदिर को बिना किसी धार्मिक, सामाजिक या प्रशासनिक अनुमति के तोड़ा गया है, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इसके अलावा, शिकायत में यह भी कहा गया है कि यह मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थल नहीं था, बल्कि यह ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण था। 1934 के विनाशकारी भूकंप में भी मंदिर का मुख्य ढांचा सुरक्षित रहा था। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने के लिए आते थे।
स्थानीय लोगों ने नगर थाना अध्यक्ष को एक आवेदन देकर इस मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि मंदिर के संरक्षण और विकास की योजनाएं थीं, लेकिन कुछ लोगों ने निजी स्वार्थ के चलते इसे ध्वस्त कर दिया। शिकायतकर्ता ने कहा है कि इस घटना से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और उनकी धार्मिक आस्था को ठेस पहुंची है। पुलिस से मांग की गई है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है।















