Insurance Claim Order: स्टार हेल्थ को ब्याज सहित चुकाना होगा 58,729 रुपये का बीमा क्लेम

धर्मशाला। जिला उपभोक्ता आयोग धर्मशाला ने स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी को एक महत्वपूर्ण आदेश दिया है, जिसमें उसे एक बीमा धारक के स्वास्थ्य बीमा दावे का
धर्मशाला। जिला उपभोक्ता आयोग धर्मशाला ने स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी को एक महत्वपूर्ण आदेश दिया है, जिसमें उसे एक बीमा धारक के स्वास्थ्य बीमा दावे का भुगतान करने का निर्देश दिया गया है। आयोग ने यह निर्णय सुनाया है कि बीमा कंपनी ने मरीज के अस्पताल में भर्ती होने को गैरजरूरी बताकर उसके दावे को खारिज करना सेवा में कमी के श्रेणी में आता है। इस मामले में, अदालत ने कंपनी को 58,729 रुपये का बीमा दावा नौ फीसदी वार्षिक ब्याज सहित अदा करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, पीड़ित को 20 हजार रुपये मुआवजा और 15 हजार रुपये वाद व्यय भी देने के लिए कहा गया है। यह फैसला जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद और नारायण ठाकुर की पीठ ने सुनाया। इस मामले की शिकायत गुरदीप सिंह, जो अपर बड़ोल, धर्मशाला के निवासी हैं, ने की थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने वर्ष 2021 में फैमिली हेल्थ ऑप्टिमा पॉलिसी ली थी। अगस्त 2023 में उनके बेटे को तेज बुखार और गले में संक्रमण के कारण निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जिसमें 58,729 रुपये का खर्च आया।
बीमा कंपनी ने इस मामले में दावा खारिज करते हुए कहा कि अस्पताल में भर्ती होना आवश्यक नहीं था। आयोग ने इस पर स्पष्ट किया कि मरीज को भर्ती करने का निर्णय केवल इलाज करने वाले डॉक्टर द्वारा लिया जाता है, न कि बीमा कंपनी की मेडिकल टीम द्वारा। आयोग ने यह भी बताया कि शिकायतकर्ता के पास डॉक्टर का प्रमाणपत्र और चिकित्सा रिकॉर्ड उपलब्ध थे, जबकि बीमा कंपनी कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी। इस आधार पर, आयोग ने बीमा कंपनी की दलील को खारिज करते हुए उपभोक्ता के पक्ष में निर्णय सुनाया। यह मामला उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत करता है और यह दर्शाता है कि बीमा कंपनियों को अपने दावों के निपटान में पारदर्शिता और उचितता बरतनी चाहिए। आयोग के इस निर्णय से न केवल पीड़ित को न्याय मिला है, बल्कि यह अन्य बीमा धारकों के लिए भी एक संदेश है कि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ सकते हैं।
















