JPSC Scandal Investigation: मेधा घोटाले में OMR हेरफेर और पैसों के खेल की पूरी जानकारी जुटा रही CID

राज्य ब्यूरो, रांची। जेपीएससी मेधा घोटाले की जांच कर रही सीआईडी ने मंगलवार को रिमांड पर लिए गए तीन आरोपितों से दिनभर पूछताछ की। इन आरोपितों में जेपीएससी परीक्षा
राज्य ब्यूरो, रांची। जेपीएससी मेधा घोटाले की जांच कर रही सीआईडी ने मंगलवार को रिमांड पर लिए गए तीन आरोपितों से दिनभर पूछताछ की। इन आरोपितों में जेपीएससी परीक्षा संचालित करने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी और प्रोग्रामर उस्मान शामिल हैं। सीआईडी ने इनसे ओएमआर शीट में हेरफेरी के बारे में सवाल पूछने के साथ-साथ यह भी जानकारी जुटाई कि परीक्षा पास कराने के लिए कितने अभ्यर्थियों से वसूली की गई है। इसके अलावा, वसूली की गई राशि का वितरण कैसे किया गया, इस पर भी सीआईडी ने गहनता से जांच की। सीआईडी अब वित्तीय लेन-देन का ब्यौरा खंगाल रही है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि इस घोटाले में कितने लोग शामिल हैं।
सीआईडी को यह जानकारी मिली है कि जेपीएससी परीक्षा पास कराने के लिए अधिकारियों, परीक्षा संचालित करने वाली एजेंसी, कोचिंग संचालकों और दलालों का एक संगठित गिरोह काम कर रहा था। इस गिरोह ने बड़े पैमाने पर अभ्यर्थियों से मोटी रकम की वसूली की है। आरोपित अभ्यर्थियों से उनके मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र, अंक पत्र, एडमिट कार्ड आदि ले लेते थे, ताकि सफल घोषित होने के बाद शेष राशि की वसूली करने के बाद उनके मूल दस्तावेज उन्हें वापस कर सकें। यह प्रक्रिया अभ्यर्थियों के लिए बेहद चिंताजनक साबित हो रही है, क्योंकि उन्हें अपनी मेहनत के बावजूद धोखे का सामना करना पड़ रहा है।

















