JPSC Scandal: झारखंड में मेधा घोटाले में तीन और गिरफ्तारियां

झारखंड की बहुचर्चित जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में सीआईडी ने अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। हाल ही में तीन और आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपितों
झारखंड की बहुचर्चित जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में सीआईडी ने अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। हाल ही में तीन और आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपितों के पास से जेपीएससी की परीक्षाओं में अनियमितता से संबंधित कई दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए हैं। सीआईडी ने इन आरोपितों के ठिकानों पर छापेमारी की, जहां उन्हें अभ्यर्थियों के मार्क्सशीट, ओएमआर शीट्स और शैक्षणिक प्रमाण पत्र जैसी महत्वपूर्ण सामग्री मिली। इन दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है ताकि परीक्षा में हुई गड़बड़ी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। यह मामला झारखंड के लिए काफी संवेदनशील है और इसे लेकर राज्य में व्यापक चर्चाएं चल रही हैं।
इस मामले में पहले से ही कई प्रमुख व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, परीक्षा संचालित करने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के निदेशक रामवीर सिंह, और मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी शामिल हैं। इसके अलावा, तकनीकी प्रोग्रामर उस्मान और एबाद भी गिरफ्तार किए गए हैं। इन सभी आरोपितों पर आरोप है कि उन्होंने परीक्षा में अनियमितताओं को अंजाम दिया और इस घोटाले में शामिल अन्य कर्मियों का भी नाम सामने आया है।
















