Parliament Monsoon Session: क्या समय से पहले खत्म होगा संसद का मानसून सत्र?

नई दिल्ली से जागरण ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, संसद का मानसून सत्र शुरू होने के बाद से ही हंगामे और विरोध का सामना कर रहा है। छात्र आंदोलन के कारण उत्पन्न गतिर
नई दिल्ली से जागरण ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, संसद का मानसून सत्र शुरू होने के बाद से ही हंगामे और विरोध का सामना कर रहा है। छात्र आंदोलन के कारण उत्पन्न गतिरोध के बीच, सरकार ने विधायी कार्यों को निपटाने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। इस सत्र में अब तक सरकार ने तीन महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने में सफलता प्राप्त की है, बावजूद इसके कि सदन में लगातार हंगामा जारी है। मंगलवार को जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक को भी संसद से मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा, लगभग आठ अन्य विधेयकों को भी चर्चा के लिए लोकसभा और राज्य सभा में पेश किया जाना है। विपक्ष ने गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ सरकार को घेरने का प्रयास किया है, जिससे यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि सरकार मानसून सत्र को समय से पहले समाप्त करने का निर्णय ले सकती है।
पहले सप्ताह में पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष के तीखे तेवरों के कारण सदन का कामकाज प्रभावित हुआ। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद, सरकार ने लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक 2026 पेश किया। विपक्ष ने इस पर चर्चा के लिए सहमति दी, लेकिन हंगामा और तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद, यह विधेयक दोनों सदनों से पारित हो गया। इसके बाद, वंदे मातरम् के अपमान पर सजा निर्धारित करने वाला राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक-2026 भी पारित हुआ।
















