Karnataka HC reprimands BJP MLC for communal remarks: कर्नाटक HC ने सांप्रदायिक टिप्पणी के लिए बीजेपी एमएलसी को फटकार लगाई

कर्नाटक हाई कोर्ट ने शुक्रवार को बीजेपी एमएलसी एन रविकुमार को कलबुर्गी की डिप्टी कमिश्नर फौजिया तरन्नुम के खिलाफ उनके कथित सांप्रदायिक बयान के लिए फटकार लगाई। र
कर्नाटक हाई कोर्ट ने शुक्रवार को बीजेपी एमएलसी एन रविकुमार को कलबुर्गी की डिप्टी कमिश्नर फौजिया तरन्नुम के खिलाफ उनके कथित सांप्रदायिक बयान के लिए फटकार लगाई। रविकुमार ने एक विरोध प्रदर्शन के दौरान इस सीनियर आईएएस अधिकारी को पाकिस्तान से आई हुई कहकर संबोधित किया था। जस्टिस एम नागप्रसन्ना की सिंगल जज बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए रविकुमार से मौखिक रूप से सवाल किए।
कोर्ट रविकुमार एन की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उन्होंने एमपी-एमएलए के खिलाफ मामलों की सुनवाई के लिए बेंगलुरु स्पेशल कोर्ट में उनके खिलाफ लंबित क्रिमिनल कार्रवाई को रद्द करने की मांग की थी। याचिकाकर्ता पर आरोप है कि उन्होंने कलबुर्गी के डिप्टी कमिश्नर के खिलाफ पाकिस्तानी टिप्पणी की थी। यह विरोध प्रदर्शन मई 2025 की शुरुआत में कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता, बीजेपी नेता चलवाड़ी नारायणस्वामी को एक सरकारी गेस्ट हाउस में नौ घंटे तक कथित तौर पर हिरासत में रखने के संबंध में किया गया था।
याचिकाकर्ता के अनुसार, उन्होंने कलबुर्गी चलो मार्च के दौरान सिर्फ एक टिप्पणी की थी जिसमें कहा गया था कि सभी पुलिस अधिकारी इंचार्ज मंत्री के गुलाम हैं। राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि कलबुर्गी प्रशासन ने राष्ट्रीय ध्वज लेकर प्रोटेस्ट की अनुमति नहीं दी थी। कोर्ट ने कहा, "आप [MLC] आईएएस ऑफिसर को धर्म के आधार पर कैसे संबोधित कर सकते हैं?" जज ने यह भी कहा कि राजनीतिक नेताओं को अपने सार्वजनिक बयानों में संयम बरतना चाहिए।
कोर्ट ने कहा, "आप दोनों को रुक जाना चाहिए। लोगों की भलाई के लिए क्या करना है, इस बारे में बात करें।" जस्टिस ने यह भी कहा कि किसी भी पॉलिसी के बारे में बात नहीं होती और लोगों को इस बात में कोई दिलचस्पी नहीं है कि आप एक-दूसरे से क्या बोलते हैं। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि घटना के तुरंत बाद IAS ऑफिसर को एक माफीनामा भेजा गया था, लेकिन कोर्ट ने सवाल किया कि क्या माफी से बयान से हुए नुकसान की भरपाई हो जाएगी।
















