Kidnapping and Murder Case: पुलिस ने सपा नेताओं को रोका पीड़ित परिवार से मिलने जाने से

भगवानपुर (गोरखपुर)। हाल ही में एक 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के मामले में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं को पुलि
भगवानपुर (गोरखपुर)। हाल ही में एक 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के मामले में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं को पुलिस ने रोका। यह घटना रविवार को हुई, जब सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता इंजीनियर संदीप शर्मा और अन्य नेता पीपीगंज में पीड़ित परिवार से मिलने के लिए निकले थे। सपा नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें जानबूझकर रोका और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी। संदीप शर्मा शनिवार रात भरवल गांव में सपा नेता इंजीनियर सुरेंद्रनाथ यादव के आवास पर रुके थे, जहां पुलिस की मौजूदगी से उनकी चिंताएं बढ़ गई थीं। रविवार सुबह जब वे पीड़ित परिवार से मिलने के लिए निकले, तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया और थाने ले गई। वहां कैंपियरगंज क्षेत्राधिकारी और पीपीगंज पुलिस ने नेताओं से बातचीत की और उन्हें समझाने का प्रयास किया। इस दौरान सपा नेताओं ने पुलिस के इस कदम को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया और कहा कि यह सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है। इसके बाद संदीप शर्मा ने थाना प्रभारी पीपीगंज को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं के खिलाफ सपा हमेशा आवाज उठाती रहेगी। ज्ञापन सौंपने के बाद पुलिस ने संदीप शर्मा को गोरखपुर जनपद की सीमा तक छोड़ दिया। इस घटना के दौरान कई अन्य सपा कार्यकर्ता भी मौजूद थे, जिनमें भोला यादव, शैलेंद्र यादव, राजाराम निषाद, गोरख मिश्रा और अश्वनी पांडेय शामिल थे। यह घटना समाज में बढ़ती अपराध की घटनाओं के प्रति चिंता को और बढ़ा देती है। सपा नेताओं ने कहा कि वे इस मामले में न्याय की मांग करते रहेंगे और पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करे और दोषियों को सजा दिलाए। इस घटना ने न केवल पीड़ित परिवार को बल्कि पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। ऐसे मामलों में त्वरित न्याय की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। सपा नेताओं ने कहा कि वे इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाएंगे और सरकार को जवाबदेह ठहराने का प्रयास करेंगे।















