Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act: गुमला में मनरेगा की 48,681 योजनाएं अब भी अधूरी

गुमला जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत विकास कार्यों की गति एक बार फिर से सवालों के घेरे में आ गई है। हाल ही में जार
गुमला जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत विकास कार्यों की गति एक बार फिर से सवालों के घेरे में आ गई है। हाल ही में जारी एक रिपोर्ट ने इस स्थिति को और स्पष्ट किया है। रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 और उससे पहले की 48,681 योजनाएं अब भी अधूरी हैं। इनमें वृक्षारोपण, प्रधानमंत्री आवास, अबुआ आवास, कुआं और डोभा निर्माण से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। इन अधूरी योजनाओं के कारण ग्रामीणों को समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
गुमला प्रखंड में सबसे अधिक 7,914 अधूरी योजनाएं पाई गई हैं। इसके बाद घाघरा में 6,112, पालकोट में 4,812, चैनपुर में 4,802, रायडीह में 4,255, बसिया में 4,238, सिसई में 4,042, भरनो में 3,231, विशुनपुर में 2,793, डुमरी में 2,469, कामडारा में 2,458 और अल्बर्ट एक्का में 1,555 योजनाएं वर्षों से लंबित हैं। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि 19,198 पौधरोपण कार्य, 7,264 अबुआ आवास, 5,812 प्रधानमंत्री आवास, 5,060 कुएं, 3,756 डोभा, 1,215 ट्रेंच कम बंड (टीसीबी) समेत कई अन्य योजनाएं अधूरी पड़ी हैं। इसके अलावा, फॉर्म पॉन्ड, चेकडैम, पशु शेड, मुर्गी शेड और मिट्टी सड़क जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं भी पूरी नहीं हो सकी हैं।
















