Murder Case Verdict: प्रबल अग्रवाल हत्याकांड में सात आरोपियों को मिली उम्रकैद

बिजनौर के प्रबल अग्रवाल हत्याकांड में अदालत ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए महिला आयोग की सदस्य संगीता अग्रवाल के पति विनय अग्रवाल और उनके पुत्र अपू
बिजनौर के प्रबल अग्रवाल हत्याकांड में अदालत ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए महिला आयोग की सदस्य संगीता अग्रवाल के पति विनय अग्रवाल और उनके पुत्र अपूर्व अग्रवाल समेत कुल सात आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस मामले में अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी दोषियों पर 1.25 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह मामला 2012 में उस समय का है जब प्रबल अग्रवाल की हत्या के बाद उनका शव गंगा में फेंक दिया गया था। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि प्रबल की हत्या के पीछे की वजह एक युवती से बात करना था, जिसके चलते आरोपियों ने शराब के नशे में आकर प्रबल की बेरहमी से पिटाई की और उसकी हत्या कर दी। इस मामले में मृतक के परिजनों ने लगातार न्याय की मांग की थी और अब उन्हें न्याय मिला है।
अदालत ने अपने फैसले में यह भी कहा कि बचाव पक्ष द्वारा प्रस्तुत किए गए तर्कों को स्वीकार नहीं किया गया। बचाव पक्ष ने यह दलील दी थी कि पोस्टमार्टम से यह सिद्ध नहीं होता कि बरामद शव प्रबल अग्रवाल का ही था, लेकिन अदालत ने गवाहों के बयानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर इसे खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि यदि अन्य विश्वसनीय साक्ष्य और परिस्थितिजन्य प्रमाण अभियोजन की कहानी की पुष्टि करते हैं, तो ऐसे गवाहों के मुकरने का लाभ आरोपियों को नहीं दिया जा सकता। इसके अलावा, अदालत ने यह भी कहा कि खराब विवेचना के कारण दोषियों को लाभ नहीं मिल सकता।
















