Water Reaches Temples at Rajghat: नरौरा बैराज पर गंगा खतरे के निशान से 39 सेमी नीचे, तटीय क्षेत्रों में अलर्ट

संवाद सहयोगी, संभल। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश के बाद गंगा नदी ने अपने तेज प्रवाह का प्रदर्शन शुरू कर दिया है। नरौरा बैराज पर जलस्तर में लगातार वृद्धि और डि
संवाद सहयोगी, संभल। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश के बाद गंगा नदी ने अपने तेज प्रवाह का प्रदर्शन शुरू कर दिया है। नरौरा बैराज पर जलस्तर में लगातार वृद्धि और डिस्चार्ज में बढ़ोतरी गंगा के रौद्र रूप की चेतावनी दे रही है। राजघाट में गंगा का पानी अब मंदिरों की दहलीज तक पहुंच गया है, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। शुक्रवार शाम चार बजे से शनिवार सुबह छह बजे तक नरौरा बैराज पर गंगा का जलस्तर 178.36 मीटर से बढ़कर 178.37 मीटर तक पहुंच गया। इसी दौरान डिस्चार्ज भी 1,67,951 क्यूसेक से बढ़कर 1,72,721 क्यूसेक हो गया है। वर्तमान में जलस्तर खतरे के निशान 178.765 मीटर से केवल 39 सेमी नीचे है। गंगा के बढ़ते प्रवाह को देखते हुए सिंचाई विभाग ने बैराज पर निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है। यदि ऊपरी क्षेत्रों से पानी का दबाव इसी तरह बना रहा, तो जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है। तटीय गांवों के लोग भी हालात पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार हैं। अंकित कुमार, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड अलीगढ़ ने बताया कि नरौरा बैराज पर गंगा के जलस्तर और डिस्चार्ज की लगातार निगरानी की जा रही है। वर्तमान स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन विभाग पूरी सतर्कता के साथ हर घंटे हालात का आकलन कर रहा है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है। स्थानीय प्रशासन भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है और आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार है। गंगा नदी का बढ़ता जलस्तर तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। कई गांवों में लोगों ने अपने घरों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है। सरकार ने भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राहत कार्यों की योजना बनाई है।
















