Pithoragarh Incident: घायलों को अस्पताल ले जाने में हुई परेशानी, डॉक्टरों की लापरवाही पर उठे सवाल

पिथौरागढ़ में एक सड़क हादसे के बाद घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) इग्यारदेवी ले जाने के दौरान स्थानीय लोगों को डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण भारी
पिथौरागढ़ में एक सड़क हादसे के बाद घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) इग्यारदेवी ले जाने के दौरान स्थानीय लोगों को डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हादसे में घायल हुए स्कूटी चालक पारस और राहगीर अमित तिवारी को पीएचसी पहुंचाने के बाद वहां डॉक्टर न मिलने से स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। इस घटना के बाद, लोगों ने पीएचसी के गेट पर प्रदर्शन करते हुए डॉक्टरों की अनुपस्थिति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में तैनात डॉक्टर अक्सर अनुपस्थित रहते हैं, जिससे मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। इसके बाद, स्थानीय लोगों ने घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उचित इलाज किया गया। बुधवार की शाम घाट-पिथौरागढ़ हाईवे पर यह हादसा हुआ, जब पारस और अमित किसी वाहन की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने घायलों को तुरंत पीएचसी इग्यारदेवी पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टर न मिलने के कारण घायलों को प्राथमिक उपचार भी नहीं मिल सका। एएनएम ने कुछ हद तक घायलों का इलाज किया, लेकिन लोगों की नाराजगी बढ़ती गई।
प्रदर्शन के दौरान होटल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजेंद्र भट्ट ने कहा कि पीएचसी में डॉक्टरों की संख्या अपर्याप्त है और जो डॉक्टर तैनात हैं, वे भी अक्सर गायब रहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों की ओर जाना पड़ता है, जो कि एक गंभीर समस्या है। भट्ट ने मांग की कि अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती बढ़ाई जाए और लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि आए दिन ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जब मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ता है। इस स्थिति ने स्थानीय लोगों के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है और उन्होंने प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की है।
















