Police Interrogation of Maoist Leaders: धनबाद पुलिस की मिसिर बेसरा समेत तीन शीर्ष माओवादियों से पूछताछ की तैयारी, कोर्ट ने 14 दिन की रिमांड मंजूर की

धनबाद जिले के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र से भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा, मोछू मुर्मू उर्फ मेहनत और गौरव उर्फ बिरेंद्र हांसदा को गिरफ्तार किया
धनबाद जिले के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र से भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा, मोछू मुर्मू उर्फ मेहनत और गौरव उर्फ बिरेंद्र हांसदा को गिरफ्तार किया गया है। इन तीनों माओवादियों पर एक करोड़ रुपये का इनाम था, जो झारखंड, बिहार और ओडिशा मिलाकर 2.20 करोड़ रुपये है। धनबाद न्यायालय ने इन तीनों को 14 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है। पुलिस अब इनसे गहन पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। रिमांड के दौरान माओवादियों के संबंध में झारखंड के साथ-साथ ओडिशा और बिहार पुलिस भी पूछताछ कर सकती है। पुलिस ने इन माओवादियों से संगठन के नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति, सक्रिय दस्तों और शहरी माड्यूल के बारे में जानकारी प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। मंगलवार की देर शाम सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन और धनबाद व गिरिडीह पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इन माओवादियों को गिरफ्तार किया गया था। माओवादियों के पास से पुलिस ने तीन AK 47 भी जब्त की हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियां इसे झारखंड में माओवादी संगठन के खिलाफ एक बड़ी सफलता मान रही हैं। गिरफ्तारी उस समय हुई जब ये माओवादी एक कार में सवार होकर मोछू के घर जा रहे थे।
पुलिस रिमांड मिलने के बाद झारखंड पुलिस के अलावा एनआईए, सीआरपीएफ, आईआरबी, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और बिहार पुलिस की टीमें भी इन तीनों हार्डकोर नक्सलियों से पूछताछ करेंगी। जिला पुलिस ने संबंधित राज्यों और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को इसकी सूचना भेज दी है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ में कई राज्यों में सक्रिय माओवादी नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई और संगठन के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े अहम राज सामने आएंगे। मिसिर बेसरा उर्फ सागर लंबे समय से माओवादी संगठन का शीर्ष नेता रहा है। उसने धनबाद, झारखंड के कई जिलों व राज्यों में नक्सलियों की भर्ती, नेतृत्व और गतिविधियों की निगरानी की है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार उसकी गिरफ्तारी संगठन के लिए बड़ा झटका है।
















