Railway clerk sentenced for bribery: लखनऊ में रेलवे बाबू को रिश्वत लेने के मामले में चार साल की सजा

विधि संवाददाता, लखनऊ। रेलवे के एक माल बाबू दुर्गेश बहादुर सिंह को सीबीआइ की विशेष न्यायाधीश मधु डोगरा ने चार साल की कैद की सजा सुनाई है। यह सजा उन्हें एक निजी क
विधि संवाददाता, लखनऊ। रेलवे के एक माल बाबू दुर्गेश बहादुर सिंह को सीबीआइ की विशेष न्यायाधीश मधु डोगरा ने चार साल की कैद की सजा सुनाई है। यह सजा उन्हें एक निजी कंपनी के मालिक से रेलवे प्लेटफार्म पर कच्चा माल उतारने में लगने वाली पेनाल्टी को कम करने के एवज में रिश्वत लेने के मामले में दी गई है। इसके साथ ही, अदालत ने उन्हें दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला तब सामने आया जब सीमेंट ग्राइंडिंग कंपनी के निदेशक आनंद गुप्ता ने 13 अक्टूबर 2017 को सीबीआइ के डीआइजी को शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी का कच्चा माल विभिन्न प्रदेशों से रेलवे रैक प्वाइंट दरियापुर रायबरेली में मंगाया जाता है।
आनंद गुप्ता ने अपनी शिकायत में कहा कि एक अक्टूबर को उनकी कंपनी की रैक दरियापुर रायबरेली रैक प्वाइंट पर आई थी, लेकिन किसी कारणवश रेलवे के निर्धारित समय के अनुसार रैक पर कच्चा माल नहीं उतारा जा सका। इसके अलावा, कंपनी द्वारा प्लेटफार्म को भी सही समय पर खाली नहीं किया गया। इस स्थिति का लाभ उठाते हुए, दुर्गेश बहादुर सिंह ने शिकायतकर्ता से उसकी कंपनी पर लगने वाली नियमानुसार पेनाल्टी को कम करने के नाम पर 60 हजार रुपये की अवैध रिश्वत की मांग की।
















