Saharanpur: युवक को एसटीएफ कर्मचारी बनकर उठाया, चलती कार से कूदकर बचाई जान

कोतवाली क्षेत्र के चंदेना कोली गांव के निवासी अंकित कुमार ने एसीजेएम न्यायालय में एक याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने बताया कि उनके परिचित विकल्प कुमार ने उत्
कोतवाली क्षेत्र के चंदेना कोली गांव के निवासी अंकित कुमार ने एसीजेएम न्यायालय में एक याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने बताया कि उनके परिचित विकल्प कुमार ने उत्तराखंड रोडवेज में संविदा पर नौकरी दिलाने के नाम पर चरथावल क्षेत्र के गुनिया जुड्डी गांव निवासी मुकेश सैनी को दो लाख रुपये दिए थे। अंकित ने आरोप लगाया कि जब काफी समय बीत जाने के बाद भी नौकरी नहीं मिली, तो मुकेश सैनी ने उनसे रंजिश रखना शुरू कर दिया। 18 जून को जब अंकित खेत पर थे, तब मुकेश सैनी अपने चार साथियों के साथ एक हूटर लगी बोलेरो कार में पहुंचे। उन्होंने खुद को उत्तराखंड एसटीएफ का कर्मचारी बताते हुए अंकित से जानकारी मांगी। इसके बाद मुकेश और उसके साथियों ने उन्हें खेत में घेर लिया और तमंचे के बल पर जबरन कार में बैठा लिया। अंकित ने याचिका में यह भी बताया कि जब भायला गांव में डिग्री कॉलेज के सामने कार की गति धीमी हुई, तो उन्होंने चलती कार से कूदकर अपनी जान बचाई। इस घटना के दौरान शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिससे आरोपी फरार हो गए। घटना के समय क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी यह पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है।
अंकित ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने पहले कोतवाली में और फिर एसएसपी के पास शिकायत दी, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस कारण उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने मुकेश सैनी और चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ अमित कुमार ने कहा है कि जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है और जल्द ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। अंकित के साथ हुई इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं और स्थानीय लोगों में भय का माहौल पैदा किया है।
















