Water Release in Vikasnagar: टोंस और यमुना नदी में गाद की मात्रा बढ़ी, डाकपत्थर बैराज से छोड़ा गया 49 हजार क्यूसेक पानी

कालसी क्षेत्र में टोंस नदी पर स्थित इछाड़ी बांध में बृहस्पतिवार रात को गाद की मात्रा में अचानक वृद्धि देखी गई। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए, शुक्रवार सुबह जल
कालसी क्षेत्र में टोंस नदी पर स्थित इछाड़ी बांध में बृहस्पतिवार रात को गाद की मात्रा में अचानक वृद्धि देखी गई। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए, शुक्रवार सुबह जलाशय को साफ करने के उद्देश्य से बांध से लगभग 33 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके साथ ही, यमुना नदी पर बने जुड्डो बांध में भी गाद की मात्रा बढ़ने के कारण बांध के गेट खोलने का निर्णय लिया गया। इस दौरान, डाकपत्थर बैराज से सुबह करीब 12 गेट खोलकर अधिकतम 49 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह कदम दोनों नदियों से गाद को निकालने के लिए उठाया गया है। गाद की मात्रा में कमी आने पर पानी की निकासी की प्रक्रिया को भी धीरे-धीरे कम किया जा रहा है।
बृहस्पतिवार रात 8:00 बजे से छिबरौ, खोदरी, ढकरानी, ढालीपुर जल विद्युत गृह और व्यासी में विद्युत उत्पादन ठप हो गया है। हालांकि, कुल्हाल जल विद्युत गृह में फिलहाल उत्पादन जारी है। यह स्थिति स्थानीय जल संसाधनों पर दबाव डाल रही है, जिससे क्षेत्र में जल आपूर्ति और बिजली उत्पादन पर असर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने भी चेतावनी जारी की है कि नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण स्थानीय क्षेत्रों में बाढ़ की संभावना बनी हुई है। इस संदर्भ में, प्रशासन ने स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
इस बीच, उत्तराखंड में मौसम की स्थिति को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण 132 सड़कें बंद हो गई हैं। इसके अलावा, बारिश के कारण हाईवे पर भी यातायात प्रभावित हो रहा है। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे स्थिति पर नजर रखें और आवश्यक कदम उठाएं। स्थानीय निवासियों से भी अपील की गई है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी भी प्रकार की आपात स्थिति के लिए तैयार रहें।
















