Murder in Palamu: डायन-बिसाही के शक में युवक की हत्या, परिवार के 5 सदस्य गिरफ्तार

पलामू जिले के उंटारी रोड थाना क्षेत्र के मुरमा कला गांव में अंधविश्वास के चलते एक परिवार में खूनी संघर्ष की घटना सामने आई है। इस घटना में युवक चनका रजवार की पीट
पलामू जिले के उंटारी रोड थाना क्षेत्र के मुरमा कला गांव में अंधविश्वास के चलते एक परिवार में खूनी संघर्ष की घटना सामने आई है। इस घटना में युवक चनका रजवार की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मृतक के दादा, चाचा, चाची और दो चचेरे भाई शामिल हैं। यह घटना 5 अगस्त की रात को हुई, जब पुलिस को सूचना मिली कि लकड़ही टोला में दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और पता चला कि इस झगड़े का कारण अंधविश्वास था। मृतक चनका रजवार की पत्नी दुर्गा देवी और पड़ोसी ललिता देवी पर डायन-बिसाही का आरोप लगाया गया था। इस अंधविश्वास के चलते प्रभु रजवार ने दोनों महिलाओं के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी, जिससे विवाद बढ़ गया। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त खून से सनी टांगी और बांस की लाठी बरामद की है।
विश्रामपुर एसडीपीओ चिरंजीवी मंडल ने प्रेस वार्ता में बताया कि प्रभु रजवार की आठ वर्षीय पुत्री की 2 अगस्त को मौत हो गई थी। इसके बाद वह एक भगत के पास गया, जहां उसे बताया गया कि उसकी बेटी की मौत के पीछे चनका रजवार की पत्नी और ललिता देवी का हाथ है। इसी अंधविश्वास के चलते प्रभु रजवार ने विवाद शुरू किया, जो बाद में हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि प्रभु रजवार और उसके परिवार के सदस्यों ने चनका रजवार पर टांगी, फरसा और लाठी से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और इलाज से पहले ही उसकी मौत हो गई। इस घटना में मृतक पक्ष के अन्य सदस्य भी घायल हुए हैं।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अंधविश्वास किस तरह से परिवारों को बर्बादी की ओर धकेल सकता है। पुलिस इंस्पेक्टर रामाशीष पासवान और उंटारी रोड थाना प्रभारी संतोष गिरी भी मौके पर मौजूद थे। यह घटना समाज में अंधविश्वास के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को दर्शाती है।
















