Salary Cut for Advocates: झारखंड में महाधिवक्ता और सरकारी वकीलों का मानदेय घटा

झारखंड में हाल ही में महाधिवक्ता और अन्य सरकारी अधिवक्ताओं के मानदेय में कटौती की गई है। राज्य के विधि विभाग द्वारा 24 जुलाई को जारी किए गए पत्र में इस नए सैलरी
झारखंड में हाल ही में महाधिवक्ता और अन्य सरकारी अधिवक्ताओं के मानदेय में कटौती की गई है। राज्य के विधि विभाग द्वारा 24 जुलाई को जारी किए गए पत्र में इस नए सैलरी स्ट्रक्चर का विवरण दिया गया है। इस आदेश के अनुसार, झारखंड हाई कोर्ट में सरकार का पक्ष रखने वाले महाधिवक्ता की मासिक रिटेनर फीस और अन्य शुल्कों में कमी की गई है। महाधिवक्ता को अब 65,000 रुपये कम मानदेय मिलेगा, जिससे उनकी मासिक प्रतिधारण शुल्क 80,000 रुपये हो गया है। इसके साथ ही, दैनिक शुल्क 14,000 रुपये और अधिकतम मासिक भुगतान 3,40,000 रुपये निर्धारित किया गया है। इस बदलाव के कारण विधि अधिकारियों के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई है।
इस नए आदेश पर पूर्व सरकारी विधि अधिकारी अभय कुमार मिश्रा ने अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले ही विधि पदाधिकारियों के पदों में कमी की है और अब मानदेय में कटौती कर रही है। उनका मानना है कि इस तरह के निर्णय से योग्य वकील विधि पदाधिकारी बनने में रुचि नहीं दिखाएंगे, जिससे हाई कोर्ट में सरकार का पक्ष सही तरीके से नहीं रखा जा सकेगा। इसके अलावा, अपर महाधिवक्ता का मासिक प्रतिधारण शुल्क 40,000 रुपये, दैनिक शुल्क 10,000 रुपये और अधिकतम मासिक भुगतान 2,25,000 रुपये निर्धारित किया गया है। इस प्रकार, सभी श्रेणियों के सरकारी अधिवक्ताओं के लिए नए मानदेय की व्यवस्था लागू की गई है।
















