SC order and central government approval: अरावली वन भूमि के बदले दोगुनी जमीन देगा HSVP; 57 करोड़ का भुगतान

फरीदाबाद में अरावली वन क्षेत्र में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) द्वारा किए गए निर्माण के बदले वन विभाग को दोगुनी जमीन देने का निर्णय लिया गया है। इस
फरीदाबाद में अरावली वन क्षेत्र में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) द्वारा किए गए निर्माण के बदले वन विभाग को दोगुनी जमीन देने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में केंद्र सरकार ने फारेस्ट कंजर्वेशन एक्ट 1980 के तहत वन भूमि के डायवर्जन के लिए प्रिंसिपल अप्रूवल प्रदान कर दी है। एचएसवीपी ने इस प्रक्रिया के तहत वन विभाग को 57 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया है। इस निर्णय के बाद अब अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि एचएसवीपी द्वारा किए गए अवैध निर्माणों पर कार्रवाई जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वन विभाग ने अवैध निर्माणों की रिपोर्ट तैयार की थी, जिसमें एचएसवीपी द्वारा बनाए गए होटल और रिजॉर्ट भी शामिल थे। इन निर्माणों को खाली करने या उनके बदले दूसरी जमीन उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं।
एचएसवीपी ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में आवेदन प्रस्तुत किया है, जिसमें यह प्रस्तावित किया गया है कि लेजर वैली पार्क में वन विभाग को जमीन दी जाएगी। इस प्रस्ताव के अनुसार, घने वन क्षेत्र का विकास किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आस-पास के रिहायशी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्वच्छ वातावरण प्राप्त होगा। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अंतिम मंजूरी के बाद डायवर्जन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके साथ ही, वन विभाग ने तहसील को भी डायवर्जन के लिए लिखित सूचना दे दी है।
















