Historic Achievement: गाजियाबाद की मंजू नयाल बनीं पहली 3-स्टार महिला कुराश रेफरी

गाजियाबाद की मंजू नयाल ने खेलों की दुनिया में एक नई मिसाल कायम की है। उन्होंने भारत की पहली 3-स्टार अंतरराष्ट्रीय महिला कुराश रेफरी बनने का गौरव हासिल किया है।
गाजियाबाद की मंजू नयाल ने खेलों की दुनिया में एक नई मिसाल कायम की है। उन्होंने भारत की पहली 3-स्टार अंतरराष्ट्रीय महिला कुराश रेफरी बनने का गौरव हासिल किया है। यह उपलब्धि उन्हें उज़्बेकिस्तान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय रेफरी परीक्षा को सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने के बाद प्राप्त हुई। मंजू की इस सफलता ने उन्हें विश्वस्तरीय कुराश प्रतियोगिताओं में मैच संचालन का अधिकार भी दिलाया है। यह न केवल मंजू के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। उनके इस कार्य ने यह साबित कर दिया है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं।
मंजू नयाल का जन्म उत्तराखंड के अल्मोड़ा जनपद के सिलंगिया गांव में हुआ था। उनका बचपन पहाड़ों की वादियों में बीता, जहां उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। मंजू के पिता, स्वर्गीय बचन सिंह नयाल, ने हमेशा उनके खेल के प्रति रुझान को प्रोत्साहित किया। पढ़ाई के दौरान ही उनका झुकाव जूडो और मार्शल आर्ट की ओर बढ़ा, जिसके बाद उन्होंने प्राचीन उज्बेक कुश्ती शैली कुराश को अपना खेल चुना। मंजू ने अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का सफर तय किया।
















