Hearing on Thug Sukesh's Wife's Bail Plea: ठग सुकेश की पत्नी की जमानत याचिका पर सुनवाई, SC ने 3 महीने में मुख्य गवाहों की जांच का दिया आदेश

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने ठग सुकेश चंद्रशेखर की पत्नी लीना पालोस द्वारा मकोका के तहत 200 करोड़ रुपये के जबरन वसूली मामले में जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए म
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने ठग सुकेश चंद्रशेखर की पत्नी लीना पालोस द्वारा मकोका के तहत 200 करोड़ रुपये के जबरन वसूली मामले में जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष को आदेश दिया है कि वह ट्रायल कोर्ट को मुख्य गवाहों की सूची प्रदान करे और इन गवाहों की जांच तीन महीने के भीतर पूरी की जाए। जस्टिस एमएम सुंदरेश और पीबी वराले की पीठ ने इस मामले में सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट किया कि आरोप तय किए जा चुके हैं और अब प्रतिवादी को ट्रायल कोर्ट में महत्वपूर्ण गवाहों की सूची प्रस्तुत करनी होगी। इसके बाद ट्रायल कोर्ट को तीन महीने के भीतर इन गवाहों की जांच करनी होगी, ताकि मामले को आगे बढ़ाया जा सके।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद, मामले की आगे की सुनवाई पहचाने गए गवाहों की जांच पूरी होने के बाद की जाएगी। लीना पालोस की ओर से सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने अदालत में यह तर्क प्रस्तुत किया कि उनकी मुवक्किल चार साल और 11 महीने से हिरासत में हैं। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि जमानत याचिका पर विचार किया जाए, क्योंकि उनकी मुवक्किल की हिरासत की अवधि काफी लंबी हो चुकी है। इस पर अभियोजन पक्ष के अतिरिक्त सालिसिटर जनरल अनिल कौशिक ने अदालत को बताया कि मकोका के तहत आरोप तय किए गए हैं और जिन लोगों को जमानत दी गई थी, वे केवल पालोस के निर्देशों पर कार्य कर रहे थे।
















