Uttarakhand: आपदा में घर के साथ दस्तावेज भी हो गए क्षतिग्रस्त तो घबराने की जरूरत नहीं,आपकावोट नहीं कटेगा

उत्तराखंड में हाल ही में आई आपदा के दौरान यदि किसी मतदाता का घर और उसके महत्वपूर्ण दस्तावेज क्षतिग्रस्त हो गए हैं, तो उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है। चुनाव आ
उत्तराखंड में हाल ही में आई आपदा के दौरान यदि किसी मतदाता का घर और उसके महत्वपूर्ण दस्तावेज क्षतिग्रस्त हो गए हैं, तो उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है। चुनाव आयोग ने ऐसे मतदाताओं की सहायता के लिए एक विशेष व्यवस्था की है, जिसके तहत स्थानीय स्तर पर बीएलओ की रिपोर्ट को नोटिस के निपटारे का आधार माना जाएगा। इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने जानकारी दी कि प्रदेश में बृहस्पतिवार तक 24 लाख मतदाताओं में से 20 लाख को नोटिस तामील कराए जा चुके हैं। यह प्रक्रिया मतदाता पुनरीक्षण अभियान के तहत की जा रही है, जिससे मतदाता सूची को सही और अद्यतन किया जा सके।
डॉ. पुरुषोत्तम ने सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत एसआईआर प्रक्रिया में 24.30 लाख नोटिसों में से 20.27 लाख नोटिस मतदाताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई से 5 अगस्त तक दावे और आपत्तियों के फेज में अब तक फॉर्म-6 के तहत 57 हजार, फॉर्म-7 के तहत 22,668 और फॉर्म-8 के तहत 26,145 आवेदन प्राप्त हुए हैं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया में लोगों की भागीदारी बढ़ रही है और वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो रहे हैं।
















