SpiceJet MD Notice: भदोही में स्पाइस जेट के एमडी को नोटिस जारी

भदोही से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहां जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार डे ने स्पाइस जेट लिमिटेड के प्रबंधक निदेशक को एक नोटिस जारी
भदोही से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहां जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार डे ने स्पाइस जेट लिमिटेड के प्रबंधक निदेशक को एक नोटिस जारी किया है। यह नोटिस सिंहपुर निवासी संदीप पांडेय द्वारा दायर की गई शिकायत के आधार पर जारी किया गया है। संदीप पांडेय ने आरोप लगाया है कि स्पाइस जेट ने उन्हें उचित सेवाएं नहीं दीं और गलत बोर्डिंग पास प्रदान किया, जिसके कारण उनकी फ्लाइट कैसिंल हो गई। आयोग ने एमडी को सात सितंबर तक अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। इस मामले में संदीप पांडेय ने आयोग में वाद दायर करते हुए बताया कि उन्होंने अपने परिवार के साथ मुंबई में एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए फ्लाइट बुक की थी। उन्होंने 22 अप्रैल को स्पाइस जेट की फ्लाइट बुक की थी, जिसका पीएनआर ईबीएलटी9एम, एसजी था। फ्लाइट संख्या 5जी-505 बीओएम-वीएनएस थी। पांडेय ने कहा कि फ्लाइट कैसिंल होने की स्थिति में उन्हें फुल रिफंड का आश्वासन दिया गया था। लेकिन, उन्हें जो बोर्डिंग पास दिया गया, उसमें फ्लाइट के डिपार्चर का समय 2.40 पीएम लिखा गया था, जबकि असली समय सुबह 8.05 बजे था। इस गलती के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि वह सुबह पांच बजे ही एयरपोर्ट पहुंच गए थे और उन्हें अंतिम समय में फ्लाइट कैसिंल होने की जानकारी मिली। इसके बाद, उन्होंने हड़बड़ी में टैक्सी लेकर घर लौटकर ट्रेन का तत्काल टिकट लिया, लेकिन फिर भी समय पर मुंबई नहीं पहुंच सके। उन्होंने कहा कि कंपनी का एक मैसेज उनके मोबाइल पर आया था, लेकिन आज तक उनका पैसा वापस नहीं किया गया। इसके लिए उन्होंने फ्लाइट टिकट का आठ हजार रुपये, ट्रेन टिकट का 10 हजार रुपये और मानसिक क्षति के लिए पांच लाख रुपये की मांग की है। आयोग ने उनकी याचिका स्वीकार कर ली है और मामले में आगे की कार्रवाई के लिए निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने पर कार्रवाई की बात भी कही है। यह मामला उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है और आयोग की कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए आयोग गंभीर है। इस मामले में आगे की सुनवाई और कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।
















