Supreme Court grants bail to Indian Mujahideen members: सुप्रीम कोर्ट ने इंडियन मुजाहिदीन के दो सदस्यों दी जमानत, 12 साल से थे जेल में बंद

नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट ने इंडियन मुजाहिदीन के दो कथित सदस्यों को जमानत देने का फैसला किया है, जो पिछले 12 वर्षों से हिरासत में थे। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्
नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट ने इंडियन मुजाहिदीन के दो कथित सदस्यों को जमानत देने का फैसला किया है, जो पिछले 12 वर्षों से हिरासत में थे। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि इतने लंबे समय तक बिना ट्रायल के हिरासत में रखना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। इन दोनों आरोपियों, मोहम्मद साकिब अंसारी और वकार अजहर ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। कोर्ट ने यह भी कहा कि ट्रायल की प्रक्रिया बहुत धीमी चल रही है और इसके जल्द खत्म होने की कोई संभावना नहीं है। बेंच ने यह भी देखा कि सह-आरोपियों में से एक को पहले ही जमानत मिल चुकी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मामले में न्यायिक प्रक्रिया में असमानता है।
सुप्रीम कोर्ट ने 27 जुलाई को अपने आदेश में कहा कि दोनों आरोपी लगभग 12 साल से हिरासत में हैं और इस दौरान ट्रायल में बहुत कम प्रगति हुई है। कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ताओं को तीन FIR के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था, जिनमें से दो राजस्थान में दर्ज की गई थीं। बेंच ने कहा कि तीनों मामलों में आरोप एक जैसे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि याचिकाकर्ताओं को समान आरोपों के लिए अलग-अलग FIR में फंसाया गया है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि अंसारी और अजहर को दिल्ली के मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा तय की जाने वाली शर्तों पर जमानत पर रिहा किया जाए, बशर्ते उन्हें किसी अन्य मामले में जरूरत न हो।

















