Supreme Court denies bail to Chinese national: चीनी नागरिक लियू फेंगफेई को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को नोएडा से गिरफ्तार किए गए चीनी नागरिक लियू फेंगफेई को जमानत देने से इनकार कर दिया। फेंगफेई पर धोखाधड़ी और भारतीय पहचान से जुड़े दस्ताव
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को नोएडा से गिरफ्तार किए गए चीनी नागरिक लियू फेंगफेई को जमानत देने से इनकार कर दिया। फेंगफेई पर धोखाधड़ी और भारतीय पहचान से जुड़े दस्तावेजों में जालसाजी करने का आरोप है। अदालत ने निर्देश दिया कि मामले की सुनवाई में तेजी लाने और ट्रायल को जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाए।
जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने फेंगफेई की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि मामला पहले से चल रहा है और इसमें 36 गवाहों के बयान दर्ज किए जाने हैं। सुनवाई के दौरान फेंगफेई के वकील ने अदालत को बताया कि उसकी मां गंभीर रूप से बीमार हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। वकील ने कहा कि फेंगफेई अपनी मां से मिलने के लिए चीन के हेनान प्रांत के नानयांग शहर जाना चाहता है।
केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अर्चना पाठक दवे ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामले में ट्रायल पहले ही शुरू हो चुका है। पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि जब मुकदमे की सुनवाई चल रही है, ऐसे में पारिवारिक चिकित्सा आपात स्थिति के आधार पर आरोपी को जमानत देना मुश्किल है।
इससे पहले 5 जून को सुप्रीम कोर्ट ने फेंगफेई की उस दलील पर विचार किया था, जिसमें उसने अपनी गंभीर रूप से बीमार मां से मिलने के लिए मानवीय आधार पर चीन जाने की अनुमति मांगी थी। अदालत ने उस समय उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा था। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी ध्यान में लिया था कि भारत और चीन के बीच कोई प्रत्यर्पण संधि नहीं है, जिसके कारण अदालत ने केंद्र सरकार को मामले में अतिरिक्त पक्षकार बनाया था।













