Supreme Court Ruling: सुप्रीम कोर्ट में सु्क्खू सरकार की याचिका खारिज, हजारों अनुबंध कर्मचारियों को राहत

जागरण संवाददाता, शिमला। सुप्रीम कोर्ट ने अनुबंध कर्मचारियों को उनके अनुबंध काल का लाभ न देने की मंशा से लाए कर्मचारी सेवा शर्तें अधिनियम को रद्द करने के हाईकोर्
जागरण संवाददाता, शिमला। सुप्रीम कोर्ट ने अनुबंध कर्मचारियों को उनके अनुबंध काल का लाभ न देने की मंशा से लाए कर्मचारी सेवा शर्तें अधिनियम को रद्द करने के हाईकोर्ट के फैसले पर अपनी मुहर लगा दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह हाईकोर्ट के विवादित फैसले में दखल नहीं देना चाहते हैं, इसलिए स्पेशल लीव पिटीशन को खारिज किया जाता है। इस निर्णय से हजारों अनुबंध कर्मचारियों को राहत मिली है, जो लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे थे। हिमाचल प्रदेश राज्य की ओर से पेश हुए एडवोकेट जनरल ने आग्रह किया कि सक्षम कोर्ट के दिए गए फैसले को मानने के लिए कुछ समय दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य को चार महीने का समय दिया है ताकि वह विवादित फैसले के अनुसार आवश्यक कार्यवाही कर सके।
उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने कर्मचारियों के हक में ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। इस फैसले में न्यायालय ने राज्य सरकार द्वारा बनाए गए विवादित कानून 'हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी भर्ती और सेवा शर्तें अधिनियम, 2024' को पूरी तरह से अवैध और असंवैधानिक घोषित किया था। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रोमेश वर्मा की खंडपीठ ने 260 से अधिक संबंधित याचिकाओं पर संयुक्त रूप से सुनवाई करते हुए यह निर्णय दिया। हाईकोर्ट ने सरकार के इस कदम को अदालती फैसलों को पलटने का अनुचित प्रयास मानते हुए कहा कि यह शक्तियों के पृथक्करण के सिद्धांत का उल्लंघन है।
















