Tata Steel Wage Settlement: क्यों फिर सुलग रही है असंतोष की चिंगारी? जानिए कर्मचारियों की 5 मुख्य मांगें

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। हाल ही में टाटा स्टील के नए वेतन पुनरीक्षण समझौते के बाद कर्मचारियों के बीच असंतोष की चिंगारी फिर से सुलगने लगी है। इस संदर्भ में टाट
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। हाल ही में टाटा स्टील के नए वेतन पुनरीक्षण समझौते के बाद कर्मचारियों के बीच असंतोष की चिंगारी फिर से सुलगने लगी है। इस संदर्भ में टाटा वर्कर्स यूनियन के कई समिति सदस्यों ने यूनियन अध्यक्ष संजीव चौधरी को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने प्रबंधन के समक्ष कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने की मांग की है। ज्ञापन में कर्मचारियों की पांच प्रमुख मांगों का उल्लेख किया गया है, जिन्हें आगामी बैठक में उठाने की आवश्यकता बताई गई है। इन मुद्दों में न्यूनतम गारंटेड बेनिफिट (MGB) का लाभ, कंपनी आवास किराए की समीक्षा, टोटल परफॉरमेंस रिवार्ड (TPR) प्रणाली का सरलीकरण, NS-6 ग्रेड का प्रमोशन, और अन्य वित्तीय सुरक्षा शामिल हैं। कर्मचारियों का मानना है कि ये बदलाव उनके आर्थिक बोझ को कम करने में सहायक होंगे।
ज्ञापन में उठाई गई पहली मांग 1 जनवरी 2025 के बाद कंपनी में शामिल हुए कर्मचारियों के लिए MGB का लाभ देने की है। समिति सदस्यों का कहना है कि इस लाभ के बिना नए कर्मचारियों को संशोधित वेतन वृद्धि से वंचित रहना पड़ेगा। इसके अलावा, कंपनी आवास किराए की समीक्षा की मांग भी की गई है, क्योंकि नए समझौते के अनुसार कर्मचारियों को मूल वेतन का 6% या मानक किराया वसूला जा रहा है, जिससे उनके आर्थिक बोझ में वृद्धि हो सकती है। टोटल परफॉरमेंस रिवार्ड (TPR) प्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाने की मांग भी की गई है, ताकि यह कर्मचारियों के लिए अधिक अनुकूल हो सके।
















