Terrorist Attack in Kashmir: घाटी में टारगेट किलिंग से बढ़ी चिंता

20 अक्तूबर, 2024 को जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले के गगनगीर में निर्माणाधीन जेड मोड़ सुरंग परियोजना के शिविर पर आतंकियों ने हमला किया, जिसमें सात लोगों की हत्या
20 अक्तूबर, 2024 को जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले के गगनगीर में निर्माणाधीन जेड मोड़ सुरंग परियोजना के शिविर पर आतंकियों ने हमला किया, जिसमें सात लोगों की हत्या कर दी गई। इस हमले में स्थानीय डॉक्टर शाहनवाज अहमद डार समेत परियोजना से जुड़े छह कर्मचारी और श्रमिक शामिल थे, जो विभिन्न राज्यों से आए थे। यह घटना विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के कुछ ही दिन बाद हुई, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है। हमले के बाद सुरक्षा बलों ने परियोजना स्थलों की सुरक्षा को बढ़ाने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान भी चलाया। इस दौरान लश्कर-ए-ताइबा के स्थानीय आतंकी जुनैद अहमद भट को मुठभेड़ में मार गिराया गया, जो इस हमले में शामिल था। इस प्रकार की घटनाएं घाटी में आतंकवाद के बढ़ते खतरे को दर्शाती हैं, जो स्थानीय नागरिकों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं।
इससे पहले, 4 अप्रैल, 2024 को अनंतनाग जिले में बिहार के मजदूर राजू शाह की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। राजू एक निजी कंपनी में काम करता था और उसकी हत्या के बाद पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया। इस घटना ने प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। सरकार ने इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, लगातार हो रही टारगेट किलिंग से स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। ऐसे में मजदूरों और कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।
















