Traffic Violations in UP: नए नियमों के तहत चालान भरने के साथ जाना पड़ेगा जेल

उत्तर प्रदेश में यातायात नियमों के उल्लंघन पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में, राज्य विधानसभा ने उत्तर प्रदेश दंड विधि (अपराधों का शमन और विचारणों का उपशम
उत्तर प्रदेश में यातायात नियमों के उल्लंघन पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में, राज्य विधानसभा ने उत्तर प्रदेश दंड विधि (अपराधों का शमन और विचारणों का उपशमन) (संशोधन) विधेयक-2026 को पारित किया है, जिसके तहत वाहन चालकों को यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर न केवल जुर्माना भरना होगा, बल्कि उन्हें जेल की सजा भी भुगतनी पड़ सकती है। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लिया गया है, जिसमें कहा गया था कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत नियमों के उल्लंघन पर दिए जाने वाले दंड को समाप्त नहीं किया जा सकता है। इससे पहले, सरकार ने 2023 में यातायात नियमों के उल्लंघन से संबंधित लगभग 11 लाख मुकदमों और चालानों को खत्म करने का निर्णय लिया था, जो कि 2017 से 2021 के बीच के थे। सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद, सरकार ने इस विधेयक को सदन में पेश किया और इसे पारित कर दिया।
इस नए विधेयक के अनुसार, अब वाहन चालकों को जुर्माना भरने के लिए एक निश्चित समय सीमा नहीं दी जाएगी। पहले, यदि कोई चालक जुर्माना समय पर नहीं भरता था, तो उसका मामला स्वत: समाप्त हो जाता था। लेकिन अब, यदि कोई चालक नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे जुर्माना भरना होगा और साथ ही सजा वाले अपराधों के लिए जेल की सजा भी भुगतनी पड़ेगी। यह कदम राज्य सरकार द्वारा यातायात नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए उठाया गया है, ताकि सड़क पर सुरक्षा बढ़ाई जा सके और दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाई जा सके।
















