Tragic Accident: छात्र को ट्राले ने कुचला, गुस्साए लोगों ने लगाया जाम

कस्बा कबरई के कुनेहटा मार्ग पर बुधवार की शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब गंज पत्थरमंडी से गिट्टी लादकर जा रहे तेज रफ्तार ट्राले ने पैदल कोचिंग जा रहे दो छात्रों को
कस्बा कबरई के कुनेहटा मार्ग पर बुधवार की शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब गंज पत्थरमंडी से गिट्टी लादकर जा रहे तेज रफ्तार ट्राले ने पैदल कोचिंग जा रहे दो छात्रों को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में एक छात्र पिछले पहिये की चपेट में आकर लगभग 20 मीटर तक घिसटता गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक छात्र के परिजनों और स्थानीय निवासियों में आक्रोश फैल गया, जिसके चलते उन्होंने घटनास्थल पर जाम लगा दिया। इस जाम के कारण मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छात्र ट्राले के नीचे लगभग एक घंटे तक दबा रहा, जिसके बाद पुलिस ने दूसरे चालक की मदद से ट्राले को पीछे कराकर शव को बाहर निकाला। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने कुनेहटा मार्ग पर जाम लगाकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि कई बार प्रशासन से मांग करने के बावजूद भारी वाहनों को बस्ती के अंदर से निकाला जा रहा है, जबकि कस्बे में एक बाईपास मार्ग भी बना हुआ है। पुलिस ने आश्वासन दिया कि ट्राला चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और वाहनों को बाईपास मार्ग से संचालित किया जाएगा। इस आश्वासन के बाद ही शाम पांच बजे से लगा जाम दो घंटे बाद शाम सात बजे खुल सका। थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने बताया कि दुर्घटना की जांच की जा रही है और तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस हादसे के बाद व्यापारियों ने भी आंदोलन की चेतावनी दी है। पत्थरमंडी में बस्ती के अंदर भारी वाहनों का आवागमन होने से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। इससे पहले 19 जुलाई को पांडेय पुलिया के पास गिट्टी लदे डंपर की चपेट में आने से चित्रकूट निवासी अश्विनी और सोनू सोनी की मौत हो गई थी। लगातार हो रही इन दुर्घटनाओं के बावजूद प्रशासन भारी वाहनों के संचालन पर रोक नहीं लगा पा रहा है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष अशोक गुप्ता, महामंत्री कैलाशचंद्र, विजय गुप्ता, कृष्णमुरारी सोनी, राजकुमार प्रजापति, कुलदीप सेन और रामकेश ने प्रशासन से मांग की है कि भारी वाहनों को बाईपास से संचालित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे बृहद आंदोलन करेंगे। इस प्रकार की घटनाएं न केवल स्थानीय निवासियों के लिए खतरा बन गई हैं, बल्कि व्यापारियों के लिए भी चिंता का विषय हैं।
















