Heavy Rainfall in Dehradun: मालदेवता में एक साल बाद फिर से आई आपदा की यादें

विजय जोशी, देहरादून। हाल ही में हुई मूसलधार बारिश ने एक बार फिर से मालदेवता और सहस्रधारा क्षेत्र के निवासियों के दिलों में पिछले वर्ष की विनाशकारी आपदा की भयावह
विजय जोशी, देहरादून। हाल ही में हुई मूसलधार बारिश ने एक बार फिर से मालदेवता और सहस्रधारा क्षेत्र के निवासियों के दिलों में पिछले वर्ष की विनाशकारी आपदा की भयावह यादें ताजा कर दी हैं। रातभर लगातार बरसते बादल, उफनाती नदियां और पहाड़ियों से गिरता मलबा देखकर लोगों की नींद उड़ गई। कई परिवार पूरी रात घरों से बाहर रहकर नदी के जलस्तर और पहाड़ियों पर नजर बनाए रहे। सुबह होते ही जब उन्होंने अपने आस-पास का मंजर देखा, तो जगह-जगह सड़कों पर मलबे के ढेर लगे हुए थे और नदी ने आसपास की भूमि और पुश्ते बहा ले गई थीं। मंगलवार सुबह जब बारिश का असर स्पष्ट हुआ, तो लोगों की आशंकाएं सच होती नजर आईं। मालदेवता क्षेत्र में बौंठा गांव के पास भारी भूस्खलन के कारण मुख्य संपर्क मार्ग बंद हो गया। सीतापुर जाने वाले मार्ग पर कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि धनोल्टी को जोड़ने वाला वैकल्पिक मार्ग भी जगह-जगह टूटने से आवाजाही बाधित हो गई।
सहस्रधारा क्षेत्र में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से नदी किनारे बनी दुकानों पर खतरा मंडराने लगा। चामासारी और बसवाल गांव का संपर्क भी टूट गया। मसूरी जाने वाले वैकल्पिक मार्ग पर करीब 50 मीटर सड़क बह जाने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले वर्ष आई भीषण आपदा के बाद से मानसून उनके लिए दहशत का सबब बन गया है। जैसे ही तेज बारिश शुरू होती है, लोग जरूरी सामान, दस्तावेज और बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की तैयारी करने लगते हैं। सोमवार की रात भी कई परिवार जागकर बिताए और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर पर नजर रखी। पिछले वर्ष सितंबर में मालदेवता और सहस्रधारा क्षेत्र में आई भीषण आपदा ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। बादल फटने जैसी स्थिति और मूसलधार बारिश के कारण नदियां उफान पर आ गई थीं।
















