UP: सामूहिक दुष्कर्म के दोषियों को उम्रकैद की सजा

उत्तर प्रदेश के एटा जिले में एक नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो विशेष न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। इस मामले में लगभग छह वर्ष पहले
उत्तर प्रदेश के एटा जिले में एक नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो विशेष न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। इस मामले में लगभग छह वर्ष पहले हुई घटना के लिए दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। न्यायालय ने दोनों दोषियों पर 54,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह मामला वर्ष 2020 में अलीगंज थाना क्षेत्र में घटित हुआ था, जब पीड़िता के परिजनों ने आरोप लगाया था कि दो युवकों ने नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता ने बताया कि जब उसने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने न केवल उसे पीटा, बल्कि गाली-गलौज भी की। इसके साथ ही, जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। इस गंभीर मामले की शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। पुलिस ने विवेचना के दौरान सभी आवश्यक साक्ष्यों का संकलन किया और आरोपियों आकाश और अनिल उर्फ मंगली, जो कि नगला साबा निवासी हैं, के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
जैसे ही मामला न्यायालय में पहुंचा, अभियोजन पक्ष ने प्रभावी ढंग से साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। सुनवाई के दौरान सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, पॉक्सो विशेष न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया। न्यायालय ने कहा कि इस तरह के अपराध समाज में असुरक्षा का माहौल उत्पन्न करते हैं और ऐसे मामलों में कड़ी सजा आवश्यक है। न्यायालय ने यह भी कहा कि नाबालिगों के खिलाफ किए गए अपराधों को हल्के में नहीं लिया जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप, दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि न्यायालय ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
















