Voting Rights for Women Married from Abroad: भारत में ब्याही विदेश की बेटियों के वोटर लिस्ट में नाम न जुड़ने की समस्या

पिथौरागढ़ से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जिसमें वर्ष 2003 के बाद नेपाल से भारत में ब्याही गई बेटियों के नाम मतदाता सूची में नहीं जुड़ पा रहे हैं। यह समस्या व
पिथौरागढ़ से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जिसमें वर्ष 2003 के बाद नेपाल से भारत में ब्याही गई बेटियों के नाम मतदाता सूची में नहीं जुड़ पा रहे हैं। यह समस्या विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के कारण उत्पन्न हुई है, जिससे सीमा क्षेत्र की सैकड़ों महिलाएं परेशान हैं। यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष आनंद रावत ने इस मुद्दे को जिलाधिकारी के समक्ष उठाया और समाधान की मांग की। उन्होंने बताया कि नेपाल सीमा से लगे गांवों में सैकड़ों युवाओं ने नेपाल की महिलाओं से विवाह किया है, जिससे रोटी-बेटी का संबंध बना हुआ है। ये महिलाएं पहले त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में भी भाग ले चुकी हैं, लेकिन अब उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं।
आनंद रावत और पूर्व प्रदेश प्रवक्ता खीमराज जोशी ने कहा कि इस समस्या से सैकड़ों परिवार प्रभावित हो रहे हैं, विशेष रूप से डीडीहाट विधानसभा क्षेत्र में। उन्होंने जिलाधिकारी के समक्ष यह स्पष्ट किया कि इस मामले के लिए कोई दिशा निर्देश नहीं हैं, जिससे लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। जिलाधिकारी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि बिना नागरिकता के किसी भी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में नहीं जुड़ सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि एसआइआर से वंचित लोग पहले नागरिकता के लिए आवेदन करें। नागरिकता मिलने के बाद ही उनका नाम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।
















