Rising Water Levels in Ganga and Yamuna: प्रयागराज में वीआइपी घाट की मिट्टी बह गई, बाढ़ का खतरा बढ़ा

प्रयागराज में बारिश और बाढ़ का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की कई सड़कों में बड़े-बड़े गड्
प्रयागराज में बारिश और बाढ़ का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की कई सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। संगम के पास वीआइपी घाट के बगल में मिट्टी बह जाने से वहां कई फीट गहरी खाई बन गई है। इसके अलावा, बाढ़ के चलते संगम क्षेत्र की कई सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है। इस स्थिति ने स्थानीय निवासियों में चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि बाढ़ के कारण उनकी सुरक्षा और संपत्ति पर खतरा मंडरा रहा है।
गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। 5 अगस्त की सुबह से 6 अगस्त की सुबह तक 24 घंटे में गंगा का जलस्तर 28 सेंटीमीटर और यमुना का जलस्तर 26 सेंटीमीटर बढ़ा है। 6 अगस्त को दिनभर में गंगा का जलस्तर 12 सेंटीमीटर बढ़ा। रात 8 बजे गंगा का जलस्तर 78.72 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यमुना का जलस्तर 75.40 मीटर था। इस तेजी से बढ़ते जलस्तर ने तटीय क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। मध्य प्रदेश में केन नदी के उफान पर होने के कारण यमुना का जलस्तर और भी बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा, मध्य प्रदेश की बेतवा और राजस्थान की चंबल नदी का पानी भी यमुना में आ रहा है, जिससे प्रयागराज में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
















