Protests in Amritsar: बरनाला लाठीचार्ज के खिलाफ वाल्मीकि संगठनों का धरना जारी

जागरण संवाददाता, अमृतसर। बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध की आग अब अमृतसर तक पहुंच गई है। आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को ल
जागरण संवाददाता, अमृतसर। बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध की आग अब अमृतसर तक पहुंच गई है। आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर शहर के भंडारी पुल पर वाल्मीकि संगठनों का धरना लगातार जारी है। धरने पर बैठे संगठनों ने पहले ही घोषणा की थी कि शनिवार को शहर के विधायकों की रिहाइशों के बाहर कूड़ा फेंककर और सीवरेज जाम कर अपना विरोध दर्ज कराया जाएगा। इस ऐलान के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी कड़ी में विधानसभा हलका उत्तरी के विधायक डाक्टर अजय गुप्ता की कैनाल कालोनी स्थित रिहायश के बाहर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के निर्देशों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। कैनाल कालोनी के मुख्य प्रवेश द्वार पर पुलिस कर्मचारियों की विशेष तैनाती की गई है। अंदर आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी है कि बिना जांच किसी को भी आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा रही। पुलिस लगातार पूरे क्षेत्र की निगरानी कर रही है और हालात पर पैनी नजर बनाए हुए है। इस बीच, विधायक डाक्टर अजय गुप्ता अपनी सुरक्षा टीम के साथ अपने रोजमर्रा के कार्यक्रम के तहत विधानसभा क्षेत्र की ओर रवाना हो गए। उन्होंने दैनिक जागरण से बातचीत करते हुए कहा कि उनका वाल्मीकि समाज के साथ हमेशा आत्मीय संबंध रहा है। उनका बचपन भी इसी समाज के बीच बीता है और वे पूरे समाज को अपने परिवार का हिस्सा मानते हैं। विधायक ने कहा कि समाज की जो भी मांगें हैं, उनका समाधान बातचीत के माध्यम से निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि टकराव की बजाय संवाद बेहतर रास्ता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह स्वयं मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ वाल्मीकि समाज की मांगों को लेकर चर्चा करेंगे और उन्हें पूरा करवाने का हरसंभव प्रयास करेंगे। उधर, धरना दे रहे वाल्मीकि संगठनों का कहना है कि जब तक बरनाला लाठीचार्ज मामले के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। संगठनों ने स्पष्ट किया है कि उनका विरोध शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से फैसला लेना होगा।
















