Coal Block Allocation: सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व PM मनमोहन सिंह के खिलाफ समन रद्द किया

कोल ब्लॉक आवंटन मामले में दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा जारी समन को सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को रद्द कर दिया। यह नि
कोल ब्लॉक आवंटन मामले में दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा जारी समन को सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को रद्द कर दिया। यह निर्णय न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ द्वारा लिया गया। इस आदेश के बाद, मनमोहन सिंह अब इस मामले में बरी हो गए हैं। उल्लेखनीय है कि उनके कार्यकाल के दौरान यह मामला काफी चर्चित रहा था और विपक्ष ने इस पर कई गंभीर सवाल उठाए थे।
कोल ब्लॉक आवंटन मामले की जड़ें 2004 से 2009 के बीच फैली हुई हैं, जब 100 कंपनियों को कोयला खदानों का आवंटन किया गया था। आरोप था कि इस प्रक्रिया में अनियमितताएं बरती गईं और कई कंपनियों को बिना नीलामी के खदानें दी गईं। इस घोटाले की जांच में कई मोड़ आए और कैग ने अपनी रिपोर्ट संसद में पेश की, जिसमें कोल ब्लॉक्स के आवंटन में हुई अनियमितताओं का खुलासा किया गया। इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि जिन कंपनियों को खदानें आवंटित की गईं, उनमें निजी और सरकारी दोनों प्रकार की कंपनियां शामिल थीं।
मनमोहन सिंह ने 2015 में विशेष सीबीआई अदालत द्वारा जारी समन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि, इस मामले में लंबे समय तक कोई अंतिम निर्णय नहीं आया और दिसंबर 2024 में उनका निधन हो गया। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ जारी समन को रद्द करते हुए उन्हें राहत दी। यह निर्णय कोयला घोटाले के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह देश के सबसे बड़े घोटालों में से एक है, जिसकी जांच और राजनीतिक निहितार्थों ने भारतीय राजनीति में हलचल मचाई थी।











